रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के लिए प्रशासनिक पहल तेज हो गई है। इसी कड़ी में 10 अगस्त को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के पांच पंचायतों में पंचायत स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का गठन किया गया।
जानकारी के अनुसार इन समितियों की कमान स्थानीय मुखिया के हाथों में सौंपी गई है, ताकि गांव के स्तर पर ही बच्चों से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान किया जा सके। इस दौरान प्रखंड के मधुकरपुर, बरईकला, कसमार,मंजुरा एवं टांगटोना मे सीडब्ल्यूपीसी का गठन किया गया।
बताया गया कि समिति की अध्यक्षता मुखिया या उपमुखिया करेंगे, जबकि पंचायत सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इनके अलावा पांच पंचायत प्रतिनिधि, क्षेत्र की सबसे सक्रिय आंगनबाड़ी सेविका और ग्राम सभा द्वारा मनोनीत बाल मामलों के विशेषज्ञ इसके सदस्य होंगे। बच्चों की सीधी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए बाल संसद से 14 से 17 वर्ष के किशोर-किशोरियों को बैठकों में आमंत्रित किया जाएगा।
मुखिया राजेंद्र महतो एवं अनीता देवी ने बताया कि समिति के गठन से ग्रामीण क्षेत्रों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ने और विकट परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी। मौके पर मुखिया परिपूषा कुमारी, सुमित्रा कुमारी, ममता देवी, पंचायत सचिव धरणीधर सिंह, गौतम मांझी, मोहम्मद इमरोज़, प्रकाश कुमार महतो, रवि कुमार, रेखा देवी सहित अन्य मौजूद थे।
इस संबंध में सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने बताया कि जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन नेटवर्क के सहयोग से बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का गठन तथा सशक्तिकरण को लेकर कार्य किया जा रहा है। इस दौरान सहयोगिनी के प्रकाश कुमार, रवि कुमार राय, विकाश कुमार, रेखा देवी, सूर्यमणि देवी, पुष्पा देवी आदि उपस्थित थी।
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