ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट एक नंबर स्थित तेनुघाट महाविद्यालय में 10 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुदामा तिवारी तथा आयोजन एनएसएस पदाधिकारी प्रोफेसर रावण मांझी के नेतृत्व में किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत धरती आवा भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद उपस्थित गणमान्य जनों द्वारा आदिवासी संस्कृति और परंपराओं पर विशेष चर्चा की गयी। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुदामा तिवारी ने कहा कि आदिवासी समाज की रीति-रिवाज, भाषा और संस्कृति हमारी धरोहर हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक युग में आदिवासियों की परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त हो रही है। इन्हें बचाकर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एनएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. रावण मांझी ने युवाओं से आह्वान किया कि आदिवासी समाज की युवा पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति, धर्म और जल-जंगल-जमीन की विरासत को बचाने के लिए आगे आना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि विरासत को बचाने के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा को अपनाना भी जरूरी है। तभी हम अपनी पहचान और भाषा को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रख पाएंगे। कार्यक्रम में प्रो. श्रीकांत प्रसाद, प्रो. महावीर यादव, प्रो. प्रेमसागर प्रसाद, प्रो. धनंजय रविदास, प्रो. कालीचरण महतो, प्रमोद कुमार ठाकुर, विनय कुमार यादव, प्रेम कुमार सहित बड़ी संख्या में कॉलेज के छात्र-छात्रा उपस्थित थे।
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