एस.पी.सक्सेना/बोकारो (झारखण्ड)। पेपर लिक मामले में आंदोलनकारियों की जीत पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने हर्ष व्यक्त किया है। उक्त जानकारी महिला जनवादी संगठन एडवा के बोकारो जिला सचिव रेणु दास ने 25 जुलाई को दी।
उन्होंने बताया कि माकपा केंद्रीय समिति कार्यालय पोलित ब्यूरो एम. मुरलीधरन द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पोलित ब्यूरो प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष करने वाले देश के छात्रों और युवाओं को बधाई देता है। कहा गया कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के कारण 22 छात्रों की दु:खद आत्महत्या हुई थी।
कहा गया कि यह जीत देश के छात्रों और युवाओं के अडिग संकल्प तथा उनके द्वारा दिए गए त्याग के बिना संभव नहीं थी। समाज के विभिन्न वर्गों ने भी उनका समर्थन किया। केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज और अन्य दमनात्मक उपाय अपनाए जाने के बावजूद आंदोलनकारियों ने अपना संघर्ष जारी रखा। युवाओं द्वारा प्रदर्शित साहस और दृढ़ता भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
पोलित ब्यूरो द्वारा कहा गया कि हम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने का स्वागत करते हैं। किंतु इसके साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भी भंग किया जाना चाहिए, जो बार-बार होने वाले प्रश्नपत्र लीक के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। माकपा अपनी इस मांग को दोहराती है कि परीक्षाओं का विकेंद्रीकरण किया जाए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, जिसके मूल में शिक्षा का व्यावसायीकरण, केंद्रीकरण और सांप्रदायिकीकरण है, उसे भी रद्द किया जाना चाहिए। जब तक ये कदम नहीं उठाए जाते, प्रश्नपत्र लीक और छात्रों के साथ होने वाले अन्याय का सिलसिला जारी रहेगा। हमें आशा है कि छात्र और युवा आंदोलन इन मांगों को लेकर आगे भी अभियान चलाएंगे और संघर्ष करेंगे, क्योंकि इनका सीधा संबंध उनके भविष्य से जुड़ा है।
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