छऊ नृत्य और पूर्ण कुंभ के साथ चिन्मय अमृत यात्रा का भव्य स्वागत
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की पादुका और उनके आदर्श जीवन के प्रतीक चिन्हों के साथ चिन्मय अमृत यात्रा 3 जुलाई को बोकारो के चिन्मय विद्यालय परिसर पहुंची। इससे पहले, बालीडीह से विद्यालय मुख्य द्वार तक भव्य शोभा यात्रा के साथ अमृत यात्रा का स्वागत किया गया।
जानकारी के अनुसार भक्तों की लंबी कतार के साथ बालीडीह से नया मोड़, बोकारो मॉल और पीएनटी होते यात्रा विद्यालय पहुंची। इस दौरान चिन्मय मिशन बोकारो की आवासीय आचार्या स्वामिनी संयुक्तानंदा सरस्वती, सचिव हरिहर राउत, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष बिस्वरूप मुखोपाध्याय, सचिव महेश त्रिपाठी, प्राचार्य सूरज शर्मा, वरीय उप प्राचार्य नरमेंद्र कुमार और उप प्राचार्य डॉ रोशन शर्मा उपस्थित रहे। साथ ही, विद्यालय के सभी शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक भी उपस्थित रहे।

ज्ञात हो कि पीएनटी मोड़ से अमृत यात्रा के स्वागत में विशेष शोभा यात्रा विद्यालय मुख्य द्वार तक निकाली गई। इस दौरान पुरुलिया से आए विशेष छऊ नृत्य समूह ने अपनी प्रस्तुति दी। साथ ही, भक्ति गीतों पर यात्रा में मौजूद भक्तों ने नृत्य किया। गुरुदेव की पादुका और उनकी मूर्ति को रथ पर रखकर विद्यालय द्वार तक लाया गया। इसके बाद चिन्मय विद्यालय बोकारो के मुख्य द्वार पर विद्यार्थियों ने झारखंड लोक नृत्य, हनुमान चालिसा पर नृत्य और मर्यादा पुरषोत्तम श्रीराम के गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। साथ हीं विद्यालय में रथ का स्वागत किया गया। कक्षा छठी के विद्यार्थियों ने गीता पंचामृत का समूह पाठ किया, जिसमें भगवत गीता के पांच प्रमुख श्लोक शामिल थे।

इस अवसर पर गुरुदेव की पादुका और उनकी मूर्ति को स्वामी तपोवन सभागार में स्थापित किया गया। सभागार में सबसे पहले पादुका पूजन की गई। इसके बाद चिन्मय ट्रांस्फॉर्मेशन सर्किल के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मधुर गीत प्रस्तुत किया। अंत में मौजूद सभी भक्तों को समहष्ठी भीक्षा अर्पित की गई। अमृत यात्रा के साथ चिन्मय युवा केंद्र के ब्रह्मचारी सुधीर चैतन्य और तारिणी चैतन्य मौजूद थे। साथ ही, श्रीविद्या, अनन्या अग्रवाल, आर्या व् अन्य श्रद्धालू शामिल रहे।
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