Advertisement

भारतीय इतिहास व् सनातन ऋषि-परंपरा की उत्कृष्ट धरोहर है योग-डॉ जी. एन. खान

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर डीएवी कथारा में योग उत्सव का आयोजन

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर बीते 20 जून को बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा के प्रांगण में योग उत्सव का आयोजन किया गया। इस विशेष उत्सव का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज को स्वस्थ तन, शांत मन का संदेश देना था।

उत्सव कार्यक्रम में विद्यालय के प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने पूरे अनुशासन और उमंग के साथ हिस्सा लिया। विद्यालयी वातावरण योगमय और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। इस वर्ष योग दिवस स्वस्थ आयु के लिए योग के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सह -झारखंड जोन -आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी (एआरओ) डॉ जी.एन. खान ने समस्त विद्यालय परिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि योग हमारी प्राचीन भारतीय ऋषि-परंपरा का एक अत्यंत स्वच्छ, पवित्र और उत्कृष्ट उदाहरण है। कहा कि भारत में सनातन काल से ही योग का प्रचलन रहा है, जिसे हमारे गौरवशाली इतिहास, दर्शन और संस्कृति का सबसे मजबूत हिस्सा माना जाता है। उन्होंने आज पूरी दुनिया भारत की इस विधा का लोहा मान रही है।

आधुनिक युग की भागदौड़ भरी जिंदगी, शुद्धिरहित खान-पान और मानसिक तनाव के बीच योग ही एकमात्र ऐसा अचूक व प्रामाणिक माध्यम है, जो हमें बिना किसी खर्च के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ और निरोगी रख सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि योग केवल एक दिन मनाया जाने वाला कोई त्योहार या रस्म नहीं है, बल्कि इसे अपनी जीवन शैली और दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा।

यदि छात्र जीवन से ही बच्चे योग, प्राणायाम और ध्यान को अपना लें, तो उनकी स्मरण शक्ति, एकाग्रता और सकारात्मक सोच में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा पीढ़ी ही आगे चलकर एक सशक्त, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। मौके पर उपस्थित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भी विद्यार्थियों के साथ मिलकर योग क्रिया की। कुशल योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में छात्र-छात्राओं ने ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, भुजंगासन और शवासन जैसे महत्वपूर्ण आसनों का अत्यंत सटीक और सजीव प्रदर्शन किया। इसके बाद अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम के माध्यम से बच्चों को मानसिक शांति और सांसों के नियंत्रण का अभ्यास कराया गया।

इस अवसर पर ओम (ॐ) के उच्चारण और ध्यान (मैडिटेशन) के समय पूरा परिसर गहरी शांति और दिव्यता में डूब गया। इस वृहद, अनुशासित और विशाल कार्यक्रम को सफलता के शिखर पर पहुंचाने में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षण, कर्मचारी, सीसीए विभाग और शारीरिक शिक्षा विभाग का अतुलनीय व सराहनीय योगदान रहा।

पूरे आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, जितेंद्र दुबे, डॉ आर.एस. मिश्रा, तेजो मित्रा पाठक, असित कुमार गोस्वामी, आराधना, राकेश रंजन, रितेश कुमार , वीणा कुमारी, बी. के. दसौंधी, रेखा कुमारी, सुजला के., जयपाल साव सहित तमाम शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षणेत्तर और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने सक्रिय, समर्पित और अनुकरणीय भूमिका निभाई। सभी वरिष्ठ सदस्यों के आपसी समन्वय और कड़ी मेहनत के कारण ही विद्यालय के हजारों बच्चों का यह सामूहिक कार्यक्रम पूरी तरह अनुशासित और ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।
तत्पश्चात, विश्व कल्याण और सर्वे भवंतु सुखिनः की कामना के साथ सामूहिक शांति पाठ किया गया। इसमें बाद विधिवत इस अविस्मरणीय योग शिविर के भव्य समापन की घोषणा की गयी।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *