रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को बोकारो जिला प्रशासन द्वारा जिला परिषद परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, जिले के वरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया।
इस अवसर पर उपायुक्त बोकारो अजय नाथ झा, जिला परिषद अध्यक्षा सुनिता देवी, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, पुलिस अधीक्षक नाथु राम मीणा, जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सफीक आलम, वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) संदीप कुमार शिंदे, जिला परियोजना पदाधिकारी रूपेश कुमार तिवारी, जिला अभियंता हरि दास, प्रधान लिपिक सोहन लाल टुडू सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
उपायुक्त झा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक इंसान की जिम्मेदारी है। कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण के लिए आगे आना होगा। वृक्ष पृथ्वी के फेफड़े हैं और इनके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। यदि हम आज पर्यावरण के प्रति सजग नहीं होंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
जिला परिषद अध्यक्षा सुनिता देवी ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करता है। कहा कि वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि यह जन आंदोलन बनना चाहिए। सभी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए। जब तक पौधा वृक्ष का रूप नहीं ले लेता, तब तक उसकी जिम्मेदारी भी हमें निभानी चाहिए। उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि ” पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी बेहद आवश्यक है।
सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन जब तक आम जनों की सक्रिय भागीदारी नहीं होगी तब तक अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण जैसे कार्यों को जन अभियान के रूप में आगे बढ़ाना होगा। पुलिस अधीक्षक नाथु राम मीणा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। स्वच्छ और हरित वातावरण स्वस्थ जीवन का आधार है।
प्रत्येक देशवासी को पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर वृक्षारोपण अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। डीएफओ संदीप कुमार शिंदे ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, वनों की कटाई और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।
इन समस्याओं का सबसे प्रभावी समाधान अधिक से अधिक वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण है। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। ये न केवल हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने, जैव विविधता को संरक्षित करने तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक देशवासी प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। वन विभाग द्वारा हरित आवरण बढ़ाने और आमजनों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन का संदेश दिया गया।
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