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ग्रीष्मावकाश में भी जारी है शिक्षा का अलख, टॉपर छात्रों ने संभाली जिम्मेदारी

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पीएमश्री एसएस +2 उच्च विद्यालय कसमार के पोषक क्षेत्र में ग्रीष्मावकाश के दौरान छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़े रखने के लिए विद्यालय के टॉपर छात्र-छात्राओं ने सराहनीय पहल शुरू की है।

जानकारी के अनुसार विद्यालय के नोडल शिक्षक डॉ अवनीश कुमार झा के मार्गदर्शन में वर्तमान एवं पूर्ववर्ती मेधावी छात्रों का समूह क्षेत्र के बच्चों को नियमित अध्ययन से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

विद्यालय के पूर्ववर्ती टॉपर छात्र-छात्राओं में प्रमोद कपरदार, रिया कुमारी, नीतू कुमारी, गौतम कुमार एवं संध्या कुमारी सहित अन्य मेधावी छात्र-छात्राएं इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के निर्देशों के आलोक में छात्र-छात्रा अपने पड़ोस के बच्चों को अवकाश अवधि में निःशुल्क शिक्षा देकर उन्हें पढ़ाई से जुड़े रहने में सहयोग कर रहे हैं।

इसी क्रम में विद्यालय के अंग्रेजी शिक्षक एवं नोडल शिक्षक डॉ झा ने 3 जून को कसमार प्रखंड के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर विद्यार्थियों की अध्ययन व्यवस्था का निरीक्षण किया। सबसे पहले उन्होंने प्रखंड के हद में गर्री गांव में देवदत्त कुमार प्रजापति के आवास पहुंचकर उनकी पुत्री नीतू कुमारी द्वारा बच्चों को पढ़ाने के प्रयास की सराहना की तथा उपस्थित छात्रों को समय के सदुपयोग और नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। इसके बाद धधकिया महिला समिति भवन पहुंचे, जहां प्रमोद कपरदार एवं संध्या कुमारी के नेतृत्व में संचालित अवकाशकालीन कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन सुबह और शाम कम-से-कम दो-दो घंटे नियमित अध्ययन करने का संकल्प दिलाया।

मौके पर उपस्थित पूर्ववर्ती विद्यार्थियों ने ग्रीष्मावकाश के दौरान क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई में सहयोग करने और स्वयं समय निकालकर उन्हें मार्गदर्शन देने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर डॉ झा ने छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, ग्रामीणों तथा मार्गदर्शक छात्र-शिक्षकों को पुस्तकें, लेखनी, उत्तर-पुस्तिकाएं एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में गुड़िया देवी, स्वर्णलता, कृष्णानंद झा, आर्या झा सहित दर्जनों छात्र-छात्रा, अभिभावक एवं ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे। यह पहल ग्रीष्मावकाश के दौरान भी शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने और विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करने की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण पेश कर रहा है।

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