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प्रसूता की मौत के बाद शिव हॉस्पिटल पर लापरवाही के आरोप

प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में चास प्रखंड के आईटीआई मोड़ स्थित शिव हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर आरोप और विवादों के घेरे में आ गया है।

बताया जाता है कि 14 मई की सुबह प्रसूता लक्ष्मी कुमारी की मौत हो गई। इसके बाद मृतका के परिजन अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
जानकारी के अनुसार मृतका जिला के हद में चंदनकियारी प्रखंड के बरमसिया ओपी थाना क्षेत्र के खेड़ाबेड़ा रहिवासी राजेश महतो की पत्नी थी। प्रसव के बाद डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा की स्थिति को सामान्य बताया। लेकिन बाद में महिला की तबीयत बिगड़ने लगी।

परिजनों के अनुसार मृतका का तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर को बुलाने पर भी नहीं आए। परिजनों ने बताया कि बीते 13 मई की शाम करीब 3 बजे महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक घंटे बाद करीब 4 बजे ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। उस समय सब कुछ सामान्य रहा। डॉक्टर भी ऑपरेशन के बाद चले गए। लेकिन कुछ देर बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने बार-बार डॉक्टर को भेजने का आग्रह किया। इसके बावजूद डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इतना ही नहीं, जब उन्होंने मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की अनुमति मांगी, तो उन्हें इसकी भी इजाजत नहीं दी गई। जिसके बाद 14 मई की सुबह महिला की मौत हो गई।

इधर, अस्पताल की व्यवस्था को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल में लगे अधिकांश अग्निशामक सिलेंडर एक्सपायर हो चुके हैं। अस्पताल के अंदर जाने वाली गलियां काफी संकरी हैं, जिनकी चौड़ाई करीब दो फीट से भी कम बताई जा रही है। ऐसी स्थिति में किसी आपातकालीन घटना, विशेषकर आग लगने की स्थिति में मरीजों और परिजनों को सुरक्षित निकालना बेहद मुश्किल हो सकता है।

एसडीएम ने अल्ट्रासाउंड मशीन किया था सील

गौरतलब है कि पिछले वर्ष चास अनुमंडल पदाधिकारी ने कार्रवाई की थी। एसडीएम के निर्देश पर यहां अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया था। इसके बावजूद अस्पताल में लगातार अनियमितताओं और लापरवाही के आरोप सामने आते रहे हैं। स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि रिहायशी भवन में संचालित इस अस्पताल पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने से प्रबंधन का हौसला बुलंद हैं। ताजा घटना के बाद रहिवासियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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