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छपरा शहर के सुनियोजित विकास को लगेंगे पंख, मास्टर प्लान को मिली मंजूरी

छपरा व् आसपास के 445 वर्ग कि.मी. तक होगा आयोजना क्षेत्र का विस्तार

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला मुख्यालय छपरा शहर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के भविष्य को संवारने की दिशा में 13 मई को एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित सारण जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार की बैठक में छपरा आयोजना क्षेत्र के विस्तार प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी गई। अब यह प्रस्ताव अंतिम अनुमोदन के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार को भेजा जाएगा।

बताया जाता है कि ​वर्तमान में वर्ष 2019 की अधिसूचना के अनुसार छपरा आयोजना क्षेत्र मात्र 101 वर्ग किलोमीटर में सीमित है। भविष्य की बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण की जरूरतों को देखते हुए इसे बढ़ाकर अब 445.02 वर्ग किलोमीटर करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तारित क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र के 422. 83 वर्ग कि.मी. (6 प्रखंडों के कुल 227 राजस्व ग्राम) एवं शहरी क्षेत्र के 22.19 वर्ग कि.मी. (छपरा नगर निगम और नगर पंचायत रिविलगंज) शामिल होंगे।

​विस्तार के तहत छपरा प्रखंड के 111, रिविलगंज के 45, गरखा के 53, नगरा के 8, जलालपुर के 6 और मांझी प्रखंड के 4 राजस्व ग्रामों को आयोजना क्षेत्र में शामिल किया गया है। इससे इन ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी तर्ज पर बुनियादी सुविधाओं का विकास सुनिश्चित हो सकेगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित ​बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि केवल छपरा शहर का विस्तार ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि जोन आधारित मास्टर प्लान के जरिए समेकित विकास किया जाएगा। प्रस्तावित प्लान में निम्नलिखित के लिए अलग-अलग जोन निर्धारित होंगे। व्यवस्थित बसावट और व्यापारिक केंद्र,​परिवहन कॉरिडोर, भविष्य के ट्रांसपोर्ट हब और सुनियोजित सड़क नेटवर्क, ​पर्यावरण संरक्षण: हरित क्षेत्र, पार्क और जल निकायों (वाटर बॉडीज) का संरक्षण,​सार्वजनिक उपयोगिता: शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य केंद्र और बेहतर जल निकासी प्रणाली आदि।

ज्ञात हो कि ​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सारण के सांसद राजीव प्रताप रूड़ी, विधायक छोटी कुमारी, महापौर और उप महापौर ने विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए महत्वपूर्ण फीडबैक दिए। जिलाधिकारी श्रीवास्तव ने बताया कि आमजन से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के निष्पादन के बाद ही इस विस्तार को हरी झंडी दी गई है।

निश्चित रूप से यह कहा जा सकता है कि विस्तारित आयोजना क्षेत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद, छपरा एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में उभरने के लिए तैयार है। यह मास्टर प्लान न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि आगामी दो दशकों तक नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

बैठक में छपरा विधायक छोटी कुमारी, महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता एवं उप महापौर रागिणी कुमारी, डीएम के अतिरिक्त उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्त्ता, नगर आयुक्त छपरा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
वहीं, बैठक में छपरा, रिविलगंज, जलालपुर, गरखा, मांझी एवं नगरा के बीडीओ एवं अंचलाधिकारी तथा रिविलगंज के कार्यपालक पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

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