अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर स्थित ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने के लिए ₹680 करोड़ की महत्वाकांक्षी हरिहरनाथ कॉरिडोर परियोजना को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं।
इसी क्रम में 13 मई को सारण के जिलाधिकारी (डीएम) वैभव श्रीवास्तव ने मंदिर पहुंचकर पूजन-अर्चन किया और परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं का स्थल निरीक्षण किया।
बताया जाता है कि 13 मई की दोपहर बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव सोनपुर अनुमंडल के विकास से जुड़े सभी अधिकारियों, बिजली अधिकारी, जल संसाधन अधिकारी समेत तमाम विभागीय अधिकारियों के साथ बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर न्यास समिति के सचिव विजय कुमार सिंह ‘लल्ला’ के साथ कॉरिडोर निर्माण से जुड़े बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। बातचीत में मंदिर क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, भव्य प्रवेश द्वार, पार्किंग, यात्री आवास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर मास्टर प्लान को जल्द क्रियान्वित करने पर जोर दिया गया। न्यास समिति के सह-कोषाध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिन्हा, सदस्य चंद्र भूषण तिवारी, कृष्णा प्रसाद व अन्य अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी ने मंदिर के चारों दिशाओं का भ्रमण किया। इसके बाद गंडकी-नारायणी घाट का भी निरीक्षण किया गया।

इससे पूर्व पर्यटन विभाग के पदाधिकारियों ने भी मंदिर न्यास समिति के सचिव व पुजारीगण के साथ मंदिर का अवलोकन किया। गंडकी तट से बाबा हरिहरनाथ के जलाभिषेक हेतु जल लाने तथा निर्माल्य प्रवाहित जल को पुनः गंडकी में समायोजित करने के लिए आवश्यक मार्ग व्यवस्था पर भी चर्चा की गयी। निरीक्षण के पश्चात जिलाधिकारी श्रीवास्तव ने बाबा हरिहरनाथ का विधिवत पूजन-वंदन कर कॉरिडोर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की कामना की। पर्यटन मंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि यह परियोजना अयोध्या-काशी की तर्ज पर विकसित होगी, जिसमें सारण जिलाधिकारी की भूमिका अहम होगी।
हरिहरनाथ कॉरिडोर परियोजना ₹680 करोड़ की बतायी जाती है। इस मेगा परियोजना के तहत मंदिर परिसर का समग्र सौंदर्यीकरण, भव्य प्रवेश द्वार, आधुनिक पार्किंग व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इससे हर साल लाखों श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और सोनपुर का धार्मिक पर्यटन नई ऊंचाइयों को छुएगा। परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार मंदिर पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मास्टर प्लान को जल्द से जल्द धरातल पर उतारकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए, ताकि बाबा हरिहरनाथ धाम को भव्य स्वरूप दिया जा सके।
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