तेली कल्याण समिति की पहल बोकारो बनी मिसाल
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। तेली कल्याण समिति बोकारो ने समाज में भाईचारा, एकता और सामाजिक न्याय की अनूठी मिसाल पेश की है। समिति ने लगभग 25 वर्षों से चले आ रहे भूमि एवं घर के विवाद का सफलतापूर्वक समाधान कराने में सफल रहा है।
जानकारी के अनुसार जिला के हद में सोनाटांड़ रहिवासी उषा देवी एवं बैजनाथ गोराई के बीच वर्षों से लंबित विवाद को समिति की पहल, समाजबंधुओं के सहयोग तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति से समाप्त कराया गया।
बताया गया कि लंबे समय से दोनों पक्ष न्यायालय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चक्कर लगाते रहे, जिससे मानसिक तनाव के साथ आर्थिक परेशानी भी बढ़ती जा रही थी। लेकिन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं गणमान्य जनों के प्रयास से दोनों पक्षों ने आपसी समझदारी का परिचय देते हुए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।
समिति के बोकारो जिलाध्यक्ष विनेश कुमार नायक की अध्यक्षता में 11 मई को आयोजित बैठक में समाज के कई सम्मानित पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे। इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष कपिल नायक, प्रधान महासचिव किशुन नायक, कोषाध्यक्ष ज्योतिलाल नायक, उपाध्यक्ष अजय कुमार नायक, महासचिव प्रेमलाल साव, उपाध्यक्ष प्रदीप गोराई, जगन्नाथ महतो, देवेंद्र गोराई एवं बलराम महतो सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष विनेश कुमार नायक ने इस अवसर पर कहा कि समाज की ताकत आपसी एकता और संवाद में निहित होती है। यदि आपस में बैठकर शांति और समझदारी से बात करें तो वर्षों पुराने विवाद भी समाप्त हो सकते हैं। कार्यकारी अध्यक्ष कपिल नायक ने कहा कि यह समझौता समाज के लिए प्रेरणादायक है। इससे आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश मिलेगा कि विवाद का समाधान आपसी भाईचारे से भी संभव है।
प्रधान महासचिव किशुन नायक ने कहा कि कोर्ट-कचहरी से बेहतर है कि समाज मिल-बैठकर समस्याओं का समाधान निकालें। इससे समय, धन और संबंध तीनों की रक्षा होती है। महासचिव प्रेमलाल साव ने कहा कि समाज की एकजुटता ही सबसे बड़ी शक्ति है। जब समाज साथ खड़ा होता है तो हर कठिनाई आसान हो जाती है।
उपाध्यक्ष अजय कुमार नायक ने कहा कि यह केवल दो पक्षों का समझौता नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और शांति की जीत है। समिति के पदाधिकारियों ने दोनों पक्षों को बधाई देते हुए कहा कि समाज में संवाद, सहयोग और भाईचारे की भावना बनी रहे तो हर बड़ी समस्या का समाधान संभव है।
जहाँ समाज साथ खड़ा हो, वहाँ वर्षों पुराने विवाद भी समाप्त हो जाते हैं।
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