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राजभाषा कार्यान्वयन की तिमाही बैठक में कार्यालय सम्मानित व् पुस्तक का लोकार्पण

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। देश की महारत्न कंपनी कोल इंडिया की अनुशंगी इकाई सीसीएल में 28 अप्रैल को राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्यालय को सम्मानित किया गया। साथ हीं यहां पुस्तकों का लोकार्पण किया गया।

जानकारी के अनुसार झारखंड की राजधानी रांची के सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस में 28 अप्रैल को राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सीसीएल के निदेशक मानव संसाधन (एचआर) हर्ष नाथ मिश्र ने की।

बैठक में महाप्रबंधक (राजभाषा) अशोक कुमार सहित मुख्यालय स्तर के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, महाप्रबंधकगण, राजभाषा नोडल अधिकारी तथा सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में निदेशक मानव संसाधन (एचआर) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी उपयोग केवल नीति का अनुपालन भर नहीं, बल्कि संगठन की कार्य संस्कृति को अधिक सुलभ, समावेशी एवं जनोन्मुख बनाने का माध्यम है।

कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हिंदी का प्रयोग दैनिक कार्यों, ई-ऑफिस, नोटशीट, पत्राचार एवं तकनीकी संप्रेषण में स्वाभाविक रूप से बढ़े। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राजभाषा के प्रयोग में सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपनी भूमिका निभाते हुए हिंदी को कार्य की मुख्यधारा में लाने का प्रयास करे।

इससे पुर्व बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक (राजभाषा) अशोक कुमार ने सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया। तत्पश्चात उप-प्रबंधक (राजभाषा) दिविक दिवेश द्वारा बीते तिमाही (जनवरी-फरवरी-मार्च) में संचालित राजभाषा कार्यक्रमों, योजनाओं एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। तिमाही प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग, प्रगति एवं सुधार के विभिन्न पहलुओं की समग्र समीक्षा की गई।

इस अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत सीसीएल धोरी क्षेत्र की विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन) कुमारी माला द्वारा रचित दो पुस्तकों स्त्री: संघर्ष से सिंहासन तक तथा बालगीत: गीतमाला का लोकार्पण निदेशक (मानव संसाधन) मिश्र द्वारा किया गया। उन्होंने लेखिका को इस रचनात्मक उपलब्धि के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार की सृजनात्मक अभिव्यक्तियाँ न केवल राजभाषा को समृद्ध करती हैं, बल्कि कर्मचारियों को अपनी प्रतिभा के विविध आयामों को अभिव्यक्त करने के लिए भी प्रेरित करती हैं। उन्होंने अन्य कर्मचारियों को भी साहित्य, लेखन एवं सृजनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।

बैठक के दौरान विगत तिमाही में राजभाषा के उत्कृष्ट कार्यान्वयन, नवाचार एवं अनुकरणीय प्रयासों के लिए बरका-सयाल क्षेत्र, केंद्रीय चिकित्सालय रामगढ़, गांधी नगर चिकित्सालय, आईईडी विभाग, भूगर्भ विभाग, असैनिक विभाग, कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध विभाग, कंपनी सचिवालय, मानव संसाधन एवं कल्याण विभाग, सामान्य प्रशासन, नगर प्रशासन एवं श्रमशक्ति विभाग को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। बैठक का समापन राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करने तथा कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।

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