रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 7 अप्रैल को कसमार क्षेत्र के पर्यावरण एक्टिविस्ट एवं प्राकृतिक रक्षण के संस्थापक बबलू आनंद महतो ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती बीमारियों का प्रमुख कारण पर्यावरण का असंतुलन है।
उन्होंने बताया कि वे स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हैं, क्योंकि वे बी.एस. सी नर्सिंग के छात्र हैं। उनका मानना है कि आज अधिकांश बीमारियों की उत्पत्ति पर्यावरण को हो रहे नुकसान के कारण ही हो रही है। यदि पर्यावरण सुरक्षित नहीं रहेगा, तो मानव स्वास्थ्य भी सुरक्षित नहीं रह सकता।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण तथा ओजोन परत के क्षरण के कारण कई गंभीर बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही है। कहा कि वायु प्रदूषण से अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी और हृदय रोग हो रहे हैं, जबकि जल प्रदूषण के कारण डायरिया, टाइफाइड एवं त्वचा रोग फैल रहे हैं। जबकि, ओजोन परत में कमी के कारण त्वचा कैंसर और आंखों से जुड़ी समस्याएँ बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचा रहा है। इसका सीधा प्रभाव खेती, पशुपालन और आम जनजीवन पर पड़ रहा है, जिससे बाढ़, सूखा और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं। उन्होंने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कचरा इधर-उधर न फेंकें तथा स्वच्छता बनाए रखें।
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