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संस्कृति मंत्रालय के तुगलकी फरमान के खिलाफ रंगकर्मियों ने खोला मोर्चा

दिल्ली में सांसद व् संस्कार भारती राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपा विज्ञप्ति

एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा गुरु शिष्य परंपरा (रिपट्री ग्रांट) के लिए मिलने वाले वेतन अनुदान को देश के हजारों संस्थाओं को निरस्त या कुल ऑफ कर दिया गया है। ऐसी संस्थाओं में बिहार के भी लगभग 90 संस्थाएं शामिल है। मंत्रालय के इस निर्णय से देश के रंगकर्मियों व् कलाकारों में आक्रोश व्याप्त है। उक्त जानकारी कलाकार साझा संघ के सचिव प्रसिद्ध रंगकर्मी मनीष महीवाल ने 7 अप्रैल को दी।

महीवाल ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय के इस तुगलकी फरमान के विरुद्ध देश के 18 राज्यों के लगभग 250 कलाकार जिसमें बिहार से लगभग 30 रंगकर्मी दिल्ली पहुंचे। बिहार के रंगकर्मियों ने अपना एक विज्ञप्ति सांसद सह भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी और संस्कार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजित गोखले को सौंपा।

बिहार से आए कलाकारों में मनीष महिवाल, अमित रौशन, डॉ शैलेंद्र, मिथिलेश सिंह, मो. जानी, सनद कुमार, गणेश गौरव, मो. जहांगीर खान, आजाद हुसैन, पप्पु ठाकुर, हरिशंकर रवि, अजित चोहान, भारतेन्दु चौहान आदि ने सांसद मनोज तिवारी और संस्कार भारती राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजित गोखले से इस संबंध में मुलाकात की। सांसद तिवारी और संस्कार भारती अध्यक्ष गोखले ने कलाकारो की बात सुनी और आश्वासन दिया की मंत्रालय और इसके क्रेंद्रिय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से कलाकारों के हित में वे बात रखेंगे।

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