प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। जैसे ही हजारीबाग जिला के हद में विष्णुगढ़ प्रखंड के चिहुंटिया रहिवासी नेहाल महतो के 40 वर्षीय पुत्र नुनूचंद महतो का शव 4 अप्रैल की सुबह पुणे के चाकन से विष्णुगढ़ प्रखंड के हद में सारूकुदर पंचायत के चिहुंटिया पहुँचा, परिजनों के हृदय विदारक चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया।
बताया जाता है कि मृतक प्रवासी मजदूर नूनूचंद की पत्नी धनेश्वरी देवी का रोते रोते बुरा हाल हो चुका था, वे लगातार अचेत हो जा रही थी। आस पास के महिलाओं द्वारा उसे संभाला जा रहा था, लेकिन अपने पति के खोने के गम में वह किसी की नही सुन रही थी। उनके एक ही शब्द सभी को रुला दे रहा था कि हम केकर बिगड़ले रहनी हा, अब हमनी के केकरा सहारे रहब।मृतक की पत्नी यह कह कर दहाड़ मार रही थी कि मुझे क्या मालूम कि मेरे पति मुझे ठुकरा कर जिंदगी के उस दहलीज पर ले जाकर खड़ा कर देंगे। विधवा की बिलाप सुन कर उपस्थित जन भी अपने आंसू को नही रोक पाए।
मृतक नूनूचंद का शव एंबुलेंस से जैसे ही उनके घर पहुंचा क्या बूढ़े, क्या नौजवान एकाएक उसके घर के तरफ दौड़ पड़े। मृतक की 20 वर्षिया पुत्री देवंती कुमारी, 15 वर्षिया कंचन कुमारी और 18 वर्षीय पुत्र राकेश कुमार अपने मृत पिता के शव को निहार कर बिलख रहे थे। उनकी आंखों के आँसू भी सुख गये थे।
बताते चलें कि झारखंड के प्रवासी मजदूर नूनूचंद की मौत बीते 2 अप्रैल को काम के दौरान बिल्डिंग से गिरने से घटनास्थल पर ही हो गई थी। घर का वह एकलौता कमाऊ सदस्य होने की वजह से बेटे और बेटियों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस दु:खद घटना में मुखिया संघ के अध्यक्ष उत्तम महतो, पंचायत समिति सदस्य महेश महतो, प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली मृतक के घर पहुँचकर संवेदना प्रकट की तथा हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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