रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड की प्रतिभाशाली बेटी पूजा कुमारी ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मिस यूनिवर्स झारखंड प्रतियोगिता के टॉप-30 प्रतिभागियों में स्थान बनाकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। मात्र 22 वर्ष की उम्र में मिली यह सफलता पूजा के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार पूजा वर्तमान में बी.टेक (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झारखंड से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई बेंगलुरु में पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने 11वीं कक्षा से ही मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और लगातार अपने हुनर को निखारते हुए इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
मॉडलिंग करियर में पूजा ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। बेंगलुरु में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने तीन खिताब अपने नाम किए हैं। इनमें मिस इंडिया रोल मॉडल (टैलेंटेड) और मिस इंडिया रोल मॉडल (फैशन आइकन) जैसे प्रतिष्ठित खिताब शामिल हैं। इन उपलब्धियों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है और आगे बढ़ने की नई ऊर्जा भी प्रदान की है।
बोकारो जिला के हद में जरीडीह प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव टोनडरा (पोस्ट-भास्की) रहिवासी पूजा विकास कुमार महतो एवं रीता महतो की पुत्री हैं। उनके परिवार में शिक्षा और संस्कार का विशेष महत्व रहा है। उनके बड़े पापा डॉ जीत लाल महतो एक प्रधानाचार्य हैं, जबकि चाचा नंदलाल महतो एवं बिनोद कुमार महतो भी परिवार का मजबूत संबल हैं।
पूजा को अपनी संस्कृति, परंपरा और जड़ों पर गर्व है।
वह अपने व्यक्तित्व और प्रतिभा के माध्यम से झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रही हैं। पूजा की सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है। पूजा का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना है। विशेष रूप से वह युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं।
उनका मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, मित्रों और क्षेत्रवासियों में खुशी और गर्व का माहौल है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह सफलता के नए आयाम छूने की उम्मीद जताई है। पूजा की यह सफलता झारखंड की अन्य बेटियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनकर उभर रही है।
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