एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) एवं एक दैनिक अखबार की संयुक्त पहल नवचेतना–नशा मुक्ति अभियान रांची के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में लगातार अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही है।
इसी क्रम में 24 मार्च को अभियान के तहत नवचेतना रथ के साथ सीसीएल टीम रांची के उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी पहुंची।
सीसीएल के जनसंपर्क विभाग के अनुसार यूनिवर्सिटी परिसर में भ्रमण करते हुए नवचेतना रथ ने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाते हुए नशा मुक्त समाज का संदेश प्रसारित किया।
वहीं, विश्वविद्यालय के सभागार में कुलपति डॉ. मधूलिका कौशिक, पंजीयक (रजिस्ट्रार) डॉ शिव प्रताप वर्मा, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत नशा मुक्ति विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता, शपथ सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

नशा जैसे गंभीर और व्यापक विषय पर आयोजित सीसीएल की इस पहल की विश्वविद्यालय प्रबंधन एवं विद्यार्थियों ने सराहना की। आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि इस प्रकार के अभियान समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने में सहायक होते हैं।
इस अवसर पर सीसीएल के सीसी एंड पीआर विभाग के विभागाध्यक्ष ने कहा कि नशा आज की युवा पीढ़ी को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, ऐसे में उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना हम सब की जिम्मेदारी है। कहा कि सीसीएल एवं अखबार का यह संयुक्त अभियान विशेष रूप से स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं को जागरूक करने पर केंद्रित है।
आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को संयुक्त रूप से पुरस्कृत किया गया। साथ ही उन्हें न केवल स्वयं एवं अपने परिवार को नशे से दूर रखने, बल्कि समाज में भी इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार सीसीएल अपने अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में कोयला खनन के साथ-साथ सीएसआर, कल्याण, खेल एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से श्रमिकों, ग्रामीणों एवं हितधारकों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
बताया गया कि उक्त अभियान की प्रमुख गतिविधियों में Say No to Drugs थीम पर ड्राइंग प्रतियोगिता, पंपलेट वितरण एवं डिजिटल माध्यम (ईमेल/QR/व्हाट्सएप) से प्रविष्टियाँ आमंत्रित करना, चयनित 10 प्रतिभागियों को ₹5,000 की नकद पुरस्कार राशि, विशेषज्ञों के साथ पॉडकास्ट- नशा मुक्ति एवं रोकथाम पर मार्गदर्शन, स्थानीय आरजे एवं इन्फ्लुएंसर के माध्यम से जागरूकता प्रसार, मीडिया एवं रेडियो के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाना है।
![]()













Leave a Reply