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उदासीन निर्मल परिषद् ने दिया मौनी बाबा को बिहार-झारखंड का विशेष दायित्व

संस्था से जुड़े मठ – मंदिरों व् गुरुद्वारों पर रहेगी अब पैनी नजर

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। श्रीअखिल भारतीय उदासीन निर्मल परिषद् ने बिहार के सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोकसेवा आश्रम के व्यवस्थापक महंत संत विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा को बिहार – झारखंड में अवस्थित बड़ा एवं नया उदासीन मठों, मंदिरों एवं गुरुद्वारों की व्यवस्था में सुधार के लिए बहुत बड़ा उत्तरदायित्व सौंपा है। मौनी बाबा अब इन राज्यों में स्थित मठ-मंदिरों व् गुरुद्वारों में बढ़ते वाद -विवादों, भूमि अतिक्रमण, अवैध रूप से कब्जा करनेवाले और संतों को न सिर्फ रोकेंगे, बल्कि इन्हें सुरक्षित एवं संरक्षित रखने के लिए न्यायिक विधिक कार्य भी करेंगे।

इस आशय का अधिकार पत्र अखिल भारतीय उदासीन निर्मल परिषद् कनखल, हरिद्वार (उत्तराखंड) द्वारा बीते 22 मार्च को आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है। अधिकार पत्र पर महंत भगत राम महाराज, महंत दुर्गा दास, महंत देवेंद्र सिंह एवं सचिव का हस्ताक्षर है। उपरोक्त सभी श्रीपंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन, श्रीपंचायती अखाड़ा नया उदासीन, श्रीपंचायती अखाड़ा निर्मल परिषद् से जुड़े महंत व सचिव हैं।

सोनपुर के सूर्य एवं शनि मंदिर के पुजारी अनिल झा एवं स्वयं संत मौनी बाबा ने इस आशय का प्रमाण पत्र दिखाते हुए बताया कि श्रीपंचायती अखाड़ा निर्मल परिषद् द्वारा जारी इस प्रमाण पत्र में उन्हें बिहार राज्य एवं झारखंड राज्य में स्थित मठ – मन्दिरों, आश्रमों तथा गुरुद्वारों में बढ़ते वाद -विवादों, अतिक्रमण एवं अवैध रूप से कब्ज़ा करने वाले और संतों को रोकने एवं सुरक्षित रखने सहित न्यायिक विधिक कार्य के लिए सरकारी व् गैर सरकारी कार्यों के लिए अधिकृत किया गया है। कहा कि पत्र में बताया गया है कि यह प्रमाण पत्र सभी जगहों पर माना जाएगा।

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