Advertisement

हिंदू नववर्ष सृष्टि के आरंभ का प्रतीक, आत्मचिंतन व् आत्मसुधार का अवसर-डॉ रानी

प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। हिंदू रत्न व् भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा सह संयोजक (सहकारिता प्रकोष्ठ) डॉ रानी ठाकुर ने बीते 19 मार्च को हिंदू नववर्ष के महत्व पर आयोजित कार्यक्रम में प्रकाश डाला।

पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा में आयोजित कार्यक्रम का संचालन करते हुए उन्होंने कहा कि नव संवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है, वसंत ऋतु के आगमन, प्रकृति के नवनिर्माण (नई कोपलें) और सृष्टि के पौराणिक आरंभ का प्रतीक है नववर्ष। यह दिन विक्रम संवत की शुरुआत, चैत्र नवरात्रि का पहला दिन और सूर्य उपासना व आत्म-शुद्धि का अत्यंत महत्वपूर्ण समय माना जाता है, जो सुख-समृद्धि लाता है।

ज्ञात हो कि भाजपा नेत्री डॉ रानी ठाकुर विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। आरएसएस शताब्दी वर्ष मे हिंदू रत्न अवार्ड, मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2025, पूर्व मिस बिहार, मिसेज एशिया 2019, मिसेज इंडिया इंटरनेशनल 2021, मिसेज इंडिया वर्ल्ड 2022, मिसेज इंडिया वर्ल्ड डायनेमिक फीमेल अवॉर्ड 2022, मिसेज दीवा अवॉर्ड 2023 एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर गुरुजी विचार मंच द्वारा विशेष सम्मान उन्हे प्रदान किया गया है।

हिंदू रत्न डॉ रानी के अनुसार हिंदू नव वर्ष और चैत्र नवरात्रि का पर्व यह संदेश देता है कि जीवन में हर नया दिन एक नई शुरुआत का अवसर लेकर आता है। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्मसुधार का अवसर भी है। नए वर्ष के साथ देशवासी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और नए संकल्प लेने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *