एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल के कथारा क्षेत्र के कथारा कोल वाशरी व् कोलियरी कोयला रोड सेल सहित कोयले के अवैध कारोबार का खेल की रोकथाम, हिस्सेदारी एवं दबंगता को लेकर इनदिनों दो पक्षों में जमकर रस्साकसी चल रहा है। कभी एक पक्ष ओपी प्रभारी का पुतला दहन कर मुर्दाबाद के नारा लगाता है तो दूसरा पक्ष ओपी प्रभारी को माला पहनाकर सम्मानित करता है। कभी एक पक्ष जब बांध पंचायत के मुखिया के घर को घेरकर मुखिया का पुतला दहन कर मुखिया पुत्र पर अबुआ आवास में अवैध वसूली का आरोप लगाता है तो दूसरा पक्ष मुखिया के कार्यकाल को बेहतर बताते हुए मुखिया को सम्मानित करने का काम कर रहा है। ऐसे में क्षेत्र का जमनानस दो फाड़ हो गया है। बताया जाता है कि एक पक्ष को अप्रत्यक्ष समर्थन ओपी प्रभारी द्वारा दिया जा रहा है वहीं दूसरे पक्ष का नेतृत्व मुखिया पुत्र बबलू यादव, कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं बेरमो प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष प्रमोद सिंह, हस्तलदनी मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश यादव कर रहे है। जिसके कारण कथारा बोकारो जिले में सियासत का हॉट स्ट्रिप बन गया है।

सूत्र बताते है कि इस खींचतान की शुरुआत तब हुआ जब स्थानीय विस्थापित युवाओं की टोली राजद नेता सह हस्तलदनी मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश यादव के नेतृत्व में कोयला रोड सेल में अवैध वसूली का विरोध करते हुए सेल में हिस्सेदारी की मांग की। मामला तब बिगड़ने लगा जब कथारा ओपी परिसर में ओपी प्रभारी के नेतृत्व में दोनों पक्षों में मांडवाली को लेकर बैठक किया गया। बैठक में पुर्व में वसूली कर रहे गुट दूसरे गुट को हिस्सेदारी देने से मुकर गया। इसे लेकर दूसरा पक्ष सेल नहीं चलने देने की चेतावनी दे डाली। मधस्तता कर रहे ओपी प्रभारी की भूमिका दूसरे पक्ष को नासूर लगने के कारण दूसरा पक्ष द्वारा बैठक का वहिष्कार किया गया। बात तब और बिगड़ गया जब ओपी प्रभारी द्वारा दूसरे पक्ष के विरुद्ध शांति भंग होने की आशंका को लेकर दो विस्थापितों के विरुद्ध नामजद कर दिया गया। इसके बाद आक्रोशित विस्थापित कांग्रेस प्रदेश सचिव के नेतृत्व में ओपी प्रभारी का कथारा मोड़ पर 22 जनवरी की संध्या पुतला दहन किया गया। जिसमें बांध पंचायत के मुखिया पुत्र का भरपूर साथ विस्थापित युवाओं को मिला।

मामले को सलटने के बजाय एक पक्ष ने आव देखा न ताव दूसरे दिन 23 जनवरी को कथारा मोड़ पर ओपी प्रभारी को माला पहनाकर सम्मानित करने का काम किया। इसके बाद ओपी पुलिस के खिलाफ बांध पंचायत के मुखिया सहित पंचायत के उप मुखिया धनंजय गोप, कथारा पंचायत के पंसस दुलारी देवी सहित कई पंचायत प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोलते हुए अवैध कमाई का मुख्य श्रोत अवैध कोयला ढुलाई पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सार्वजनिक पत्र के माध्यम से जन सहयोग की अपील की। बताया जाता है कि अप्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त कथित कोयला तस्करो तथा अवैध शराब के कारोबारी गोलबंद होकर बांध पंचायत के मुखिया मुरली देवी के पुत्र पर अबुआ आवास में अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए बीते 5 फरवरी को मुखिया के घर के सामने प्रदर्शन करते हुए मुखिया का पुतला दहन किया। सूत्रों के अनुसार पुतला दहन में ज्यादातर कोलियरी क्षेत्र में कोयला चुननेवाली गरीब महिलाएं शामिल थी। महिलाएं पुतला दहन के दौरान अवैध कोयला पर कार्रवाई को उनके पेट पर लात मारना बता रही थी। इधर मुखिया के खिलाफ पुतला दहन के तुरंत बाद मुखिया समर्थक मुखिया आवास पर पहुंचकर प्रमोद सिंह, नरेश यादव तथा गोबिंद यादव के नेतृत्व में मुखिया को सम्मानित किया। साथ हीं मुखिया पुत्र पर लगे आरोप को बेबुनियाद बताते हुए ओपी प्रभारी पर अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए समाज का माहौल बिगाड़ने की बात कह रहे है।

दिलचस्प यह कि एक पक्ष जहां अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने में ओपी प्रभारी की संदिग्ध कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच तो दूसरा पक्ष अबुआ आवास में मुखिया पुत्र पर अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की की मांग कर रहा है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि हमाम में सभी नंगे है। तू हूँ लुटा हमहूँ लूटी के लिए मांडवाली हीं सबसे सुगम मार्ग होगा।
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