प्रहरी संवाददाता/हाजीपुर (वैशाली)। पटना एसटीएफ एवं वैशाली पुलिस ने 6 फरवरी को संयुक्त कार्रवाई में जिला मुख्यालय हाजीपुर से सटे दिघी कला के हनुमान नगर कॉलोनी में कुख्यात अपराधी प्रिंस कुमार को ढेर कर दिया है। एनकाउंटर में प्रिंस की जहां मौत हो गयी है, वहीं उसके एक साथी त्रिलोकी उर्फ रिशु को पुलिस ने हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है जो पटना जिला रहिवासी बताया जा रहा है।
घटना के संबंध में बताया जाता है कि वैशाली जिला के हद में हुसैन रहिवासी प्रिंस कुशवाहा उर्फ अभिजीत कुमार पर वैशाली सहित मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर जिले में 32 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह वर्ष 2018 में व्यवहार न्यायालय परिसर हाजीपुर से पुलिस हवलदार को गोली मारकर फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी पर सरकार ने दो लाख रुपये नकद का इनाम घोषित कर रखा था।
बताया जाता है कि प्रिंस पटना के बेउर जेल में बंद कुख्यात सोना लुटेरा सुबोध गैंग का शार्प शूटर और उसका दाहिना हाथ था। इस गैंग द्वारा बिहार के अलावे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, झारखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल के कई स्थानों पर आभूषण के शोरूम और मणि रत्नम व् मुथूट फाइनेंस से सोना लूटने की घटना को अंजाम दिया गया है। अनुमान है कि अब तक इस गिरोह द्वारा 400 करोड़ से अधिक का सोना लूटा जा चुका है। गिरोह का संचालन पटना के बेउर जेल में बंद अपराधी सुबोध द्वारा किया जाता है।
पुलिस की उक्त कार्रवाई के संबंध में वैशाली एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुख्यात प्रिंस दिग्घी के हनुमान नगर स्थित एक घर में छिप कर रह रहा है। सूचना पर एसटीएफ और वैशाली पुलिस की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के क्रम में आरोपित द्वारा फायरिंग की गयी। जवाब में पुलिस ने आत्म रक्षा में जवाबी फायरिंग की और इसमें एक आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिये सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। एसपी ने बताया कि मृतक की पहचान प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत कुमार के रूप में हुई है, जो गोरौल थाना क्षेत्र के हुसैना गांव का रहने वाला है।
एसपी ने बताया कि प्रिंस वर्ष 2018 में हाजीपुर सिविल कोर्ट में एक पुलिसकर्मी की हत्या कर फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह बेउर जेल में बंद था लेकिन 2 सितंबर 2025 को इलाज के बहाने वह पीएमसीएच पटना आया, जहां से फिल्मी स्टाइल में उसने 8 पुलिसकर्मियों को मटन पार्टी दी और सभी पुलिसकर्मियों को एक कमरे में बंद कर फरार हो गया था। तब से वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। बताया कि वैशाली पुलिस ने हाल ही में गोरौल थाना क्षेत्र के हुसैना गांव स्थित उसके घर पर इश्तिहार भी चिपकाया था, लेकिन उसने आत्मसमर्पण नहीं किया।
बताया कि सुबोध सिंह और प्रिंस गिरोह ने वर्ष 2017 में आसनसोल (पश्चिम बंगाल) से 56 किलो सोना, वर्ष 2019 में हाजीपुर से 55 किलो सोना, वर्ष 2022 में राजस्थान के उदयपुर से 24 किलो सोना, वर्ष 2022 में ही मध्य प्रदेश के कटनी से 16 किलो सोना और वर्ष 2023 में देहरादून से 18 किलो सोने की लूट का आरोप है। एसपी ने बताया कि बीते 5 फरवरी को जिले के हद में वैशाली थाना क्षेत्र में एक स्वर्ण दुकान में बड़ी लुट की घटना हुई थी। प्रिंस के इनकाउंटर में मारे जाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली है।
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