कार्यालय संवाददाता/मुंबई। मकर संक्रांति के पवन अवसर को और सुगम बनाएं, इस उत्सव के मौके पर बिजली के खम्भों और तारों सावधानी बरतें। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आसमान में हर तरफ रंग-बिरंगी पतंगें देखने का अलग ही मज़ा होता है। पतंग के रंगों में भंग न पड़े इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पतंगें आसमान में ऊंची उड़ पाती हैं।
ऐसा मज़बूत, लेकिन हल्के वज़न वाले मांझे की वजह से होता है। इसीलिए कई लोग मांझे को बहुत ध्यान से चुनते हैं। यह सब तैयारियां करते समय, एक बहुत ज़रूरी बात हम अनजाने में नज़रअंदाज़ कर देते हैं, वो है अपनी और अपनों की सुरक्षा। पतंग उत्सव मनाते समय हमें यह एहसास नहीं होता कि जोश में लापरवाही की वजह से कई बार हमारी जान भी जा सकती है। इसीलिए महावितरण के भांडुप सर्कल के चीफ इंजीनियर संजय पाटिल ने अपील की है कि पतंग उड़ाते समय कोई हादसा न हो, इसके लिए सावधानी बरतें और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए पतंग उड़ाएं। चूंकि हर साल पतंग उड़ाते समय होने वाले हादसों की खबरें पढने को मिलती है। लेकिन लोग हमेशा सोचते हैं कि उनके साथ ऐसा नहीं होगा।
सनद रहे कि शहरी इलाकों में जगह की कमी की वजह से, हम कई लोगों को अपने घरों की छतों पर पतंग उड़ाते हुए देखते हैं। कभी-कभी पतंग उड़ाने के जोश में हम अपने घरों के ऊपर से गुज़री बिजली की लाइनों को भूल जाते हैं और सावधानी न बरतने की वजह से हादसे भी हो जाते हैं। इसके अलावा, युवाओं में फंसी पतंगों को निकालने की होड़ लगी रहती है। ऐसे में झटका लगने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए, बिजली की लाइनों में फंसी पतंगों को निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
पतंग की मांझा ज़मीन तक लटकी होती है, और इस मांझा को खींचकर पतंग निकालने की कोशिश में, एक तार के दूसरे तार से रगड़ लगने से शॉर्ट सर्किट होने की संभावना रहती है।इसलिए, संबंधित इलाके में बिजली सप्लाई बाधित होने के अलावा, व्यक्ति को झटका लगने और जानलेवा हादसा होने का भी खतरा रहता है। इसलिए संक्रांति जैसे खुशी के त्योहार पर पूरी सावधानी बरतकर ही पतंग उड़ाने का आनंद लेना चाहिए। इसके लिए पतंगें खुली जगहों पर उड़ानी चाहिए। भांडुप सर्कल के चीफ इंजीनियर संजय पाटिल ने माता-पिता से अपील की कि वे सतर्क रहें और अपने बच्चों को पतंग उड़ाने में गाइड करें।
Tegs: #Be-careful-during-kite-festival-patil
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