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वज्रपात से बचाव के लिए सतर्कता अत्यंत जरूरी-उपायुक्त

उपायुक्त ने वज्रपात सुरक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में कई प्रखंड क्षेत्रों में वज्रपात से बचाव विषय पर 18 अगस्त को जागरूकता रथ को जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने समाहरणालय परिसर से झंडी दिखाकर रवाना किया।

जिला जनसंपर्क विभाग के अनुसार गृह मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा मिटीगेशन प्रोजेक्ट फॉर लाइटिंग सेफ्टी योजना अंतर्गत झारखंड के बोकारो जिला के हद में गोमिया, कसमार, चास एवं चंदनकियारी के कुछ पंचायतों में वज्रपात से बचाव विषय पर जागरूकता रथ को उपायुक्त झा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त एलईडी वैन एवं जागरूकता टीम द्वारा जिले के चार प्रखंडों के साथ सबसे ज्यादा वज्रपात प्रभावित क्षेत्र में किया जा रहा है, जो विद्यालय, ग्रामीण हाट/बाजार, स्वास्थ्य केंद्र, प्रमुख चौक-चौराहे, पंचायत कार्यालय आदि कुल 56 स्थानों पर निर्धारित है।

मौके पर अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार उपस्थित थे। ज्ञात हो कि वज्रपात सुरक्षा रथ में लगे एलईडी स्क्रीन पर वीडियो के जरिए ग्रामीण रहिवासियों को वज्रपात से बचाव के लिए सतर्कता का संदेश देगा। जागरूकता वैन 18 अगस्त से आगामी 3 सितंबर तक रहिवासियों को जागरूक करने का प्रयास करेगा। खास यह कि वज्रपात बोकारो जिले की सबसे प्रमुख आपदाओं में से एक है, जिससे जान माल की व्यापक क्षति होती है।

जिला प्रशासन त्वरित रूप से कार्रवाई करते हुए प्रभावित के आश्रितों को सरकार द्वारा निर्धारित अनुदान राशि चार लाख रुपये उपलब्ध कराती है। इस अवसर पर बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला के रहिवासियों को वज्रपात से बचाने के लिए जन जागरूकता मुहिम चलाने का फैसला लिया है। इसी निर्णय के अंतर्गत जिले के उपरोक्त चार प्रखंडों के विद्यालय, ग्रामीण हाट/बाजार, स्वास्थ्य केंद्र, प्रमुख चौक-चौराहे, पंचायत कार्यालय आदि कुल 56 स्थानों पर पंचायतों में वज्रपात जागरूकता रथ घूमेगा तथा रह रहे रहिवासियों को आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों को एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बताया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हर साल तड़ित के प्रकोल से कई रहिवासी असमय काल कवलित हो जाते हैं। असामयिक निधन से प्रभावित परिवार के साथ राज्य को अपूरणीय क्षति होती है। प्राकृतिक आपदा रूपी विद्युतपात की आशंका जिन क्षेत्रों में ज्यादा महसूस की जाती है, वहां प्राथमिकता के तौर पर इस रथ को घुमाया जाएगा और जागरूकता फैलाई जाएगी।
उपायुक्त नाथ झा ने संदेश देते हुए कहा कि तड़ित की संभावना को देखते हुए इससे बचाव के लिए जब घर के भीतर रहें, तब बिजली संचालित उपकरण से खुद को दूर रखें। तार वाले टेलीफोन के उपयोग से बचें। कपड़ा सुखाने के लिए तार की जगह जूट या सूत की रस्सी का प्रयोग करें। घर के बाहर हों तो वृक्ष के नीचे पनाह न लें।

ऊंचे इमारत वाले क्षेत्रों में भी जाने से बचें। उन्होंने जागरूकता रथ से दी जा रही जानकारी को गंभीरता से लिए जाने का आग्रह करते हुए कहा कि खुद सतर्क रहें और दूसरों को भी सजग और सचेत रहने के लिए प्रेरित करें। कहा कि आकाश से गिरने वाली बिजली हर साल सैकड़ों इंसानों व् मवेशियों की जान लेती है। अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो खुले आसमान के नीचे रहकर भी आसमान से गिरने वाली बिजली से अपनी जान बचाई जा सकती है।

इसके लिए संभावित मौत को रोकने के लिए दामिनी ऐप विकसित किया गया है। इस ऐप को मौसम विभाग की तरफ से तैयार किया गया है। यह ऐप हमें करीब 20 किलोमीटर की रेंज में बिजली गिरने की जानकारी प्रदान करता है। कहा कि आकाशीय बिजली गिरना रोका तो नहीं जा सकता है, लेकिन इससे बचाव किया जा सकता है।

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