अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल में एक अगस्त को अमित शरण (आईआरएसएमई) ने सोनपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) का कार्यभार विधिवत रूप से ग्रहण कर लिया। उन्होंने यह दायित्व निवर्तमान डीआरएम विवेक भूषण सूद से संभाला।
रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने सोनपुर मंडल के प्रशासनिक नेतृत्व के लिए शरण की नियुक्ति की है। कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वे बड़ोदरा हाउस नई दिल्ली में मुख्य परियोजना प्रबंधक (हाइड्रोजन ट्रेन सेट) के पद पर कार्यरत थे, जहां हाइड्रोजन आधारित हरित परिवहन प्रणालियों के विकास में उनका योगदान अत्यंत उल्लेखनीय रहा।
भारतीय रेलवे यांत्रिक इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसएमई) 1994 बैच के डीआरएम शरण ने रेलवे सेवा में अपना प्रवेश वर्ष 1991 में विशेष श्रेणी रेलवे अपरेंटिस (एससीआरए) परीक्षा के माध्यम से किया। उन्होंने इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक उपाधि प्राप्त की है। इसके साथ ही संचालन प्रबंधन में एमबीए तथा सिराक्यूज़ विश्वविद्यालय संयुक्त राज्य अमेरिका से लोक प्रशासन में उन्नत अध्ययन कार्यक्रम भी पूर्ण किया है।
अपने समृद्ध प्रशासनिक एवं तकनीकी सेवा अनुभव के दौरान उन्होंने उत्तर रेलवे तथा दक्षिण पश्चिम रेलवे में वरिष्ठ मंडलीय यांत्रिक अभियंता एवं उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर के पदों पर कार्य किया है। इस अवधि में रोलिंग स्टॉक के सुचारू संचालन एवं अनुरक्षण के लिए उनका योगदान सराहनीय रहा है।
रिसर्च, डिजाइन एवं स्टैंडर्ड ऑर्गनाइज़ेशन (आरडीएसओ) में निदेशक (परीक्षण) के रूप में शरण ने देशभर में रेलवे एवं मेट्रो प्रणालियों हेतु रोलिंग स्टॉक के डिज़ाइन सत्यापन, फील्ड परीक्षण एवं उच्च गति परीक्षणों का प्रभावी नेतृत्व किया।
रेलवे बोर्ड में निदेशक पद पर रहते हुए, उन्होंने अनुसंधान, कार्यकुशलता संवर्धन एवं मानव संसाधन युक्तिकरण से संबंधित महत्त्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। प्रतिनियुक्ति पर उन्होंने ऑयल इंडिया लिमिटेड में मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) के रूप में कार्य करते हुए खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं दायित्वबोध सुनिश्चित किया।
राष्ट्रीय लौह धातु स्क्रैप रीसाइक्लिंग फ्रेमवर्क तथा लौह धातु आयात निगरानी प्रणाली में भूमिका
इसके अतिरिक्त, खनन मंत्रालय में उनकी भूमिका के अंतर्गत राष्ट्रीय लौह धातु स्क्रैप रीसाइक्लिंग फ्रेमवर्क – 2020 तथा लौह धातु आयात निगरानी प्रणाली जैसे दूरदर्शी नीतिगत दस्तावेजों के निर्माण में शरण की सक्रिय सहभागिता रही। वे नीति आयोग द्वारा गठित स्क्रैप मेटल पर समिति के सदस्य भी रहे है। शरण का दीर्घकालिक भारतीय रेलवे सेवा अनुभव, गूढ़ तकनीकी ज्ञान एवं प्रशासनिक क्षमता उन्हें सोनपुर मंडल के लिए एक प्रभावशाली एवं दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता सिद्ध करता है। उनके नेतृत्व में मंडल की परिचालन कुशलता, संगठनात्मक समन्वय एवं नवाचारोन्मुख विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।
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