एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सेंट्रल कोलफील्डस लिमिटेड (सीसीएल) के लगभग सभी कोयला क्षेत्रों में दर्जनों कंपनी वाहन स्क्रैप में तब्दील हो चुका है। मुख्यालय प्रबंधन की अदूरदर्शिता के कारण इसका अबतक उठाव नहीं किये जाने से कंपनी को प्रतिवर्ष लाखों करोड़ों के राजस्व की हानि हो रही है।
उक्त बातें इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष सह बेरमो विधायक प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने 18 जून को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।
उन्होंने कहा कि सीसीएल के किसी किसी परियोजना में 20 वर्ष, 15 वर्ष तथा 10 वर्ष से बेकार पड़े स्क्रैप के नीलामी नहीं होने से लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। कहा कि मुख्यालय प्रबंधन स्क्रैप पॉलिसी बनाकर इन सारे चीजों का सर्वे करवारकर स्क्रैप उठाओ से जहां स्क्रैप पड़े हैं, वहां की सफाई संभव है। साथ ही छोटे-मोटे चोरी के नियत से जो असामाजिक तत्व परियोजना क्षेत्र के आसपास चहल कदमी करते हैं, उसमें भी कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के सभी परियोजनाओं को मिलाकर लगभग 50 ऐसे चार पहिया, छह पहिया कंपनी वाहन बेकार पड़े हैं, जिसके उठाव से लाखों रुपया कंपनी को अर्जित हो सकता है। लेकिन लंबे समय से इस पर ठोस कदम अथवा ठोस निर्णय नहीं ले पाने की स्थिति में स्क्रैप का उठाव संभव नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) तथा महाप्रबंधक सामग्री प्रबंधन सीसीएल मुख्यालय का ध्यान आकर्षण करते हुए स्क्रैप का उठाव जल्द करवाने की मांग की है, ताकि सीसीएल को लाखों रुपया प्राप्त हो सके।
इस संदर्भ में क्षेत्रीय अध्यक्ष सिंह ने कहा है कि प्रबंधन जल्द ही बेकार पड़े स्क्रैप की नीलामी कर बेकार पड़े वाहनों के स्थान को स्वच्छ बनाने के लिए पहल करे।
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