एस. पी. सक्सेना/बोकारो। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद के निर्देशन में जिले के दंत चिकित्सकों, दांत सहायकों और काउंसलरों के लिए तंबाकू उन्मूलन एवं नशामुक्ति सेवाओं पर 27 अक्टूबर को बोकारो में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
प्रशिक्षण के दौरान वक्ताओं ने नशामुक्ति सेवाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया और तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों (ओरल कैंसर, हृदय रोग आदि) की जानकारी देते हुए मरीजों की शुरुआती पहचान के महत्व को समझाया।
प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य बिंदु फाइव ए मॉडल पर जोर दिया गया। तंबाकू छोड़ने के इच्छुक मरीजों के लिए (आस्क, एडवाइज, असेस, असिस्ट, अरेंज)। फाइव आर मॉडल पर नशा छोड़ने के लिए तैयार न होने वाले मरीजों के लिए (रिलेवन्स, रिस्क्स, रिवर्ड्स, रोडब्लॉक्स, रिपीटेशन) पर जोर दिया गया।
निकोटीन निर्भरता का आकलन एवं औषधीय उपचार
प्रशिक्षण कार्यशाला में नशे के आदि मरीजों के तंबाकू सेवन की अवधि, मात्रा, प्रकार और छोड़ने की इच्छा का मूल्यांकन करने के साथ-साथ फेगरस्ट्रॉम निकोटीन डिपेंडेंस प्रश्नावली के उपयोग की जानकारी दी गई। निकोटीन गम एवं पैच जैसे विकल्पों, उनके उपयोग, दुष्प्रभावों और सावधानियों पर चर्चा की गई। यह स्पष्ट किया गया कि हृदय रोग या स्ट्रोक के इतिहास वाले मरीजों में उपचार शुरू करने से पहले विशेष चिकित्सकीय मूल्यांकन आवश्यक है। विथड्रॉल लक्षणों (चिड़चिड़ापन, चिंता आदि) से निपटने के लिए उचित परामर्श, परिवार का सहयोग और नियमित फॉलो-अप व्यवहार परामर्श पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं को मजबूत करने और तंबाकू मुक्त बोकारो के निर्माण का संकल्प लिया गया। कार्यशाला में सिविल सर्जन बोकारो डॉ अभय भूषण प्रसाद, सदर अस्पताल बोकारो के वरीय दंत चिकित्सक डॉ संजय कुमार, जिला परामर्शी (एनटीसीपी) मोहम्मद असलम, कार्यक्रम सहायक (एनसीडी) आरती कुमारी, सोशल वर्कर (टीसीसी) छोटेलाल दास, असीम कुमार आदि उपस्थित रहे।
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