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दुष्कर्म के आरोपी सेवानिवृत्त सीसीएल अधिकारी का न्यायालय में आत्मसमर्पण

ममता सिन्हा/तेनुघाट(बोकारो)। सीसीएल कथारा (CCL Kathara) प्रक्षेत्र के सेवानिवृत्त सीनियर मैनेजर सह एटीओ ओपी सिंह उर्फ ओमप्रकाश सिंह (Omprakash singh)  ने दुष्कर्म और यौन शोषण मामले में बीते दिनों तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। मालूम हो कि आरोपी सिंह पिछले आठ माह से फरार चल रहे थे। उन्हें न्यायिक हिरासत में तेनुघाट उपकरा भेज दिया गया है।
आरोपी ओपी सिंह का अग्रिम जमानत झारखंड उच्च न्यायालय रांची से भी अस्वीकृत कर दिया गया था। पुलिस के लगातार दबाव के कारण अभियुक्त ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने 2 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था।
दुष्कर्म के आरोपी सीसीएल कथारा क्षेत्र के सेवानिवृत्त वरीय कार्मिक प्रबंधक सह एटीओ ओपी सिंह के धोरी स्थित सरकारी आवास में 28 दिसंबर को इश्तेहार चिपकाया गया था। न्यायालय ने फॉर्म 4 भादवि की धारा 82 के तहत ओपी सिंह को भगोड़ा घोषित करते हुए 2 फरवरी 2021 तक हाज़िर होने का आदेश दिया था। बोकारो थर्मल पुलिस ने सीसीएल आवास रिजनल अस्पताल धोरी कॉलोनी एवं बरवड्डा थाना क्षेत्र के मेमको मोड़ धनबाद में तेनुघाट न्यायालय के आदेश पर इश्तेहार चिपकाया था। इश्तेहार में कहा गया है कि 2 फरवरी 2021 तक न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर कुर्की जब्ती जारी किया जाएगा। कोर्ट के इसी आदेश पर 3 फरवरी को आरोपी ने सरेंडर किया।
*क्या है मामला*
बेरमो अनुमंडल के हद में गोमियां थाना क्षेत्र के डीएवी पब्लिक स्कूल स्वांग की एक महिला कर्मचारी ने सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र के पूर्व कार्मिक पदाधिकारी सह एटीओ ओपी सिंह पर नौकरी स्थायी करने के लिए कथारा गेस्ट हाउस में कागजात दिखाने के नाम पर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने यह आरोप लगाया कि बाद में नौकरी स्थाई कराने के नाम पर उसके साथ लगातार यौन शोषण किया। महिला ने आरोपी सिंह पर डीएवी स्कूल के प्राचार्य सहित अन्य अधिकारियों के साथ भी शारीरिक संबंध बनाने का दवाब का आरोप लगाई है। लिहाजा महिला ने ऑनलाईन प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। आरोपी सीसीएल के बड़ा अधिकारी होने और उंची पहुंच रखने के कारण आठ माह तक बाहर था। आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इस संबंध में बोकारो थर्मल थाना में 2 मई 2020 को कांड संख्या 49/20 भादवि की धारा 354 (क) 354 (ग) /384 /506 /376 के तहत मामला दर्ज है।

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