संतोष कुमार/वैशाली(बिहार)। वर्षों से कुछ खास प्रतिमाएं जो वैशाली जिला (Vaishali district) मुख्यालय हाजीपुर की सांस्कृतिक शान रहे गांधी आश्रम स्थित संग्रहालय में स्थापित नहीं की जा सकी है। जो लापरवाही सिर्फ अधिकारियों की ही मानी जाएगी। बहुत सारे लोगों ने दर्जनों बार इसके लिये प्रयास किया। गुहार लगाई लेकिन फिर भी बात नहीं बनी। परिणामस्वरूप हाजीपुर शहर महात्मा गांधी (Mahatma Ghandhi) के उक्त स्थल को अपेक्षित सम्मान जो कभी मिला करता था, वह देने से अबतक सफल नहीं हो पाया है।
उक्त उदगार जताते हुए पूर्व लोजपा सुप्रीमों रामविलास पासवान जो अब दिवंगत हैं, उनके प्रतिनिधि के रूप में काफी चर्चा में रहे कुतुबपुर ग्राम निवासी अवधेश सिंह ने बताया। उन्होंने सारे कागजात दिखाए और अंकित नाम भी दिखाया। साथ ही कहा कि प्रयास करते करते बहुत सारे सदस्य भगवान को भी प्यारे हो गए। परिणाम ढाक के तीन पात ही रहा। उन्होंने वर्ष 1999 से ही सक्रीय प्रयासों की जानकारी दी और अफसोसजनक भी कहा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यह एक अधिकारी की लापरवाही से नहीं हो पा रहा है। मालूम हो कि गांधी आश्रम हाजीपुर का चिर परिचित स्थल है। जहां कभी महात्मा गांधी की मौजूदगी हुई थी। स्थल के प्रति शहर वासियों में काफी सम्मान है। वहां एक संग्रहालय बना है। जहां प्रखर स्वतंत्रता सेनानी बैकुंठ शुक्ल समेत अन्य कई नामचीन हस्तियों और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा लगनी है। सालों से सबों का प्रयास विफल रहा है। उसमें से एक अधिकारी तो प्रोमोट होकर राज्य मुख्यालय की नौकरशाही तक पहुंच चुके हैं।
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