जिला प्रशासन, रेलवे एवं एनडीआरएफ ने किया आयोजन
फिरोज आलम/जैनामोड़(बोकारो)। बोकारो रेलवे स्टेशन (Bokaro Railway station) के समीप खाली यार्ड में 26 फरवरी को रेल दुर्घटना में राहत और बचाव का मॉकड्रिल किया गया। इसका आयोजन जिला प्रशासन, रेलवे एवं एनडीआरएफ (NDRF) द्वारा किया गया।

मौके पर उपस्थित एनडीआरएफ के उप समादेष्टा आलोक कुमार ने बताया कि सूचना मिली कि दो ट्रेनों में टक्कर हो गई है, जिसमें कई यात्रियों की मौत व घायल होने की संभावना है और दो डिब्बों में यात्री फंसे हुए हैं। इस सूचना पर 15 मिनट के अंतराल में ही एनडीआरएफ का ग्रुप मौके पर पहुंचा और तत्काल बचाव कार्य का रिहर्सल किया गया। कार्रवाई में एनडीआरएफ के जवानों ने हिस्सा लिया।
इस मॉकड्रिल के लिये पूरे साजो सामान के साथ मौके पर पहुंचे एनडीआरएफ के जवानों को कई टीमों में बांटा गया। जिन्होंने आपात स्थिति में डिब्बों की खिड़कियों की रेलिंग व् डिब्बे को काटकर यात्रियों को बाहर निकालने का अभ्यास करीब तीन घंटे तक किया। मॉकड्रिल में रेलवे की राहत ट्रेन एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने के लगभग आधे से पौन घंटे बाद पहुंची। इस ट्रेन में रेलवे के कर्मचारी आवश्यक उपकरणों के साथ वहां पहुंचे थे।
जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार ने कहा कि इस तरह का आयोजन समय-समय पर किया जाना चाहिए। इससे घटना होने पर कैसे राहत और बचाव कार्य किया जाना है उसकी जानकारी मिलती है। मॉकड्रिल के दौरान मंडल रेल प्रबंधक आद्रा नवीन कुमार, आरपीएफ, जीआरपी के जवान और रेल कर्मचारी शामिल थे।
कार्यक्रम के शुरुआत में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के जवान, नागरिक सुरक्षा बल के जवान, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के स्वयंसेवक तथा केएम मेमोरियल हॉस्पिटल की मेडिकल टीम दुर्घटना स्थल पर उपस्थित थे। घायल तथा मृत यात्रियों को क्षतिग्रस्त डिब्बों से निकाला गया। जहां कम घायलो को फर्स्ट एड दिया गया। वहीं गंभीर रूप से घायल यात्रियों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। । घायल एवं मृत यात्रियों का संज्ञान प्राप्त करने के लिए रेलवे द्वारा इमरजेंसी इंक्वायरी भी बिठाया गया।
रेलवे द्वारा किए जा रहे इस मॉक ड्रिल को देखकर लोग आश्चर्यचकित दिखे। क्षतिग्रस्त डिब्बों तथा मौजूद यात्रियों को लहूलुहान देख आसपास के लोग सहम उठे। कार्यक्रम के अंत में मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया। प्रेस वार्ता में मंडल रेल प्रबंधक आद्रा नवीन कुमार ने मीडिया को बताया कि यह केवल एक मॉक ड्रिल था। जिसके किए जाने का मूल उद्देश्य आपदा के समय रेल कर्मियों तथा आपदा प्रबंधन कर्मियों की क्षमता एवं तत्परता की जांच करना होता है। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी लोगों को इस मॉक ड्रिल के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर बधाई दी।
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