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हजारीबाग का दनुआ घाटी फिर खून से हुई लाल, कार सवार 5 की मौत

प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। झारखंड-बिहार का सीमावर्ती हजारीबाग जिला के हद में दनुआ घाटी भीषण सड़क हादसे की चित्कार से एकबार फिर गुंज उठा जब कार सवार पांच जनों की दर्दनाक मौत देखने को मिला।

हजारीबाग जिला के हद में दनुआ घाटी का नाम सुनते ही आमजनों के मन में डर बैठ जाता है। जिला के हद में चौपारण थाना क्षेत्र दनुआ घाटी ने फिर एक ऐसा दर्दनाक मंजर दिखाया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां जोड़राही पुल के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में कार क्रमांक-JH10CU/3472 में सवार 5 जनों की मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, कार झारखंड के धनबाद से बिहार जा रही थी। कार में कुल पांच जन सवार थे। सभी अपने सफर में थे, लेकिन उन्हें क्या पता कि दनुआ घाटी का यह मोड़ उनका आखिरी मोड़ बन जाएगा। जैसे ही कार जोड़राही पुल के समीप पहुंची कि सामने के एक टेलर के पीछे जा घुसी। टक्कर के बाद स्थिति संभलती उससे पहले ही पीछे से आ रहे एक दूसरे ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया। कार बीच सड़क पर बुरी तरह पिचक गई। कोई जबतक कुछ समझ पाता उससे पहले ही वहां अफरा-तफरी मच गई।

रहिवासियों के अनुसार टक्कर इतना जोरदार था कि टक्कर के बाद कार के शीशे टूट चुके थे। दरवाजे चिपक गए थे और अंदर बैठे सवार बुरी तरह फंसे थे। इस दौरान कइयों ने पास जाकर मदद की कोशिश की, लेकिन कार की हालत ऐसी थी कि कोई अंदर पहुंच ही नहीं पा रहा था।

उक्त हादसे के बाद घाटी में चीख-चीत्कार गूंजने लगी। आसपास से गुजर रहे राहगीर अपनी गाड़ियों से उतरकर मौके पर पहुंचे। वे कार में फंसे सवारो को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन दबे हुए दरवाजे और बुरी तरह पिचकी वाहन से उन्हें निकाल पाना मुश्किल था। कुछ ही देर में कार के अंदर से आवाजें बंद हो गईं। मौके पर मौजूद रहिवासियों को यह समझते देर नहीं लगी कि अंदर शायद अब कोई जीवित नहीं है। थोड़ी देर बाद यह साफ हो गया कि कार में सवार मासूम समेत पांच स्वरों की मौत हो चुकी है।

स्थानीय रहिवासियों ने बताया कि हादसे के बाद टेलर और ट्रक चालक गाड़ी रोकने के बजाय दोनों वाहन के साथ मौके से भाग गए। रहिवासियों का कहना है कि अगर चालक रोककर मदद करता तो शायद हालात कुछ अलग हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही चौपारण थाना की पुलिस और एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और शव अंदर फंसे थे।

पुलिस और स्थानीय रहिवासियों ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि क्षतिग्रस्त कार की हालत इतनी खराब थी कि शवों को बाहर निकालने में काफी देर लगी। हादसे के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात बाधित हो गया। घाटी में भारी वाहनों की लंबी लाइन लग गई। गाड़ियों के हॉर्न, भीड़ और पुलिस की भागदौड़ के बीच पूरा इलाका तनाव में नजर आया। यह मंजर देख सभी सहमे नजर आये। चर्चा आम हो रहा है कि यह इलाका अब आम सफर के लिए नहीं रह गया है।

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। कार किसके नाम पर रजिस्टर्ड है और उसमें सवार कहां के रहने वाले थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। दूसरी ओर चौपारण पुलिस फरार ट्रेलर और ट्रक की पहचान में लगी है। आसपास पूछताछ की जा रही है और जरूरी सुराग जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दोषी वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी।

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