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सीबीएसई ईस्ट जोन डीडब्ल्यूपीएस पुरुलिया में तायक्वोंडो का रोमांचक सफर

11 राज्यों के 800 से अधिक खिलाड़ियों में विजेताओं को राष्ट्रीय प्रतियोगिता का टिकट

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया स्थित दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (डीडब्ल्यूपीएस) में आयोजित सीबीएसई फार ईस्ट जोन तायक्वोंडो चैंपियनशिप का शानदार समापन 22 जुलाई को किया गया। कुशल एजुकेशनल फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पूर्वी भारत के 11 राज्यों से आए 800 से अधिक छात्र-खिलाड़ियों ने तीन दिनों तक दमदार मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार विभिन्न आयु एवं भार वर्गों में हुए मुकाबलों ने खेल प्रेमियों को रोमांचित किया, वहीं विजेता खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रवेश का अधिकार भी हासिल किया।
प्रतियोगिता का संचालन विद्यालय की प्राचार्या सुधा सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर उपस्थित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों के लिए बेहतर आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई, जिसकी प्रतिभागियों ने सराहना की।

आयोजन को सफल बनाने में कुशल एजुकेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष नरेश कुमार अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक और ट्रॉफियां देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता का संदेश दिया।

समारोह को संबोधित करते हुए नरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी खेलों के प्रति लगातार जागरूक हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि डीडब्ल्यूपीएस पुरुलिया भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी करता रहेगा।

विद्यालय की प्राचार्या सुधा सिंह ने सीबीएसई, निर्णायकों, प्रशिक्षकों, प्रतिभागी विद्यालयों और आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता की मेजबानी विद्यालय के लिए गौरव का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, समर्पण और खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों को शुभकामना देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूर्वी भारत के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच आपसी संवाद, सौहार्द और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी प्रभावी मंच बना है। कहा कि सफल आयोजन के साथ डीडब्ल्यूपीएस पुरुलिया ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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