सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में नोवामुंडी तथा काटामाटी के कुल 23 गांवों एवं 28 किसानों को दिया गया ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई) का सहयोग।
जैसा की नाम से ही पता चलता है कि यह वह तकनीक है, जिसके जरिए बूंद बूंद पानी से फसलों की सिंचाई की जाती है। जिसके लिए प्लास्टिक की पाइप खेत में बिछाई जाती है। उसकी मदद से सीधे फसलों की जड़ों में खाद तथा पानी का मिश्रण सही मात्रा में पहुंचाया जाता है।

नोवामुंडी एवं काटामाटी में जलवायु परिवर्तन को देखते हुए 23 गाँवों यथा नोवामुंडी बस्ती, बड़ा बलजोड़ी, रेंगारबेड़ा, पुरुषोत्तमपुर, कॉन्ड्रा, कुटरपोसी आदि क्षेत्रों में टपक सिंचाई तकनीकी का सहयोग किया गया है।
यह उन किसानों के लिए वरदान है, जहां पानी की कमी है। टीएसएफ द्वारा किये गए सहयोग (टपक सिंचाई) से किसान न केवल पानी की बचत कर सकेंगे, बल्कि खाद की भी बचत कर सकते हैं। धीरे धीरे किसान इस तकनीकी से जागरूक हो रहे हैं।
इस प्रकार की खेती (टपक सिंचाई) जल की कमी वाले क्षेत्रों में अधिक की जाती है। गांवों में किसान समूह एवं स्वयं सहायता समूह के किसान दीदी एवं दादाओं को बैठकी के माध्यम से टपक सिंचाई, रवि फसल, जैविक खाद एवं कीटनाशक पर प्रशिक्षण दिया गया।
साथ ही उन सभी किसानों को एक्सपोजर विजिट के लिए भी ले जाया गया, ताकि वैज्ञानिक तकनीक की सही जानकारी एवं सही उपयोग से किसानों को फसलों की अच्छी उपज एवं उत्पाद का लाभ मिल पाये।
![]()













Leave a Reply