नंद कुमार सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में बेरमो विधानसभा चुनाव होने में लगभग एक वर्ष का समय है। लेकिन टिकटार्थियों ने रांची-दिल्ली की दौड़ लगाना अभी से हीं शुरू कर दिया है।
ध्यान देने योग्य है क जो कभी क्षेत्र में नजर नहीं आते थे, वे चुनावी मौसम आने की आहट से दादुर राग आलापने लगे हैं। प्रखंड, जिला, राज्य और केंद्रीय बीजेपी ऑफिस जाने लगे हैं। बड़े नेताओं संग फोटो खिंचवाकर नुमाइश करने लगे हैं। अखबार मे भी अपने-अपने पक्ष में खबरें छपवाने लगे है।
प्रत्याशी बनने का दावा करनेवाले शादी-ब्याह, श्राद्ध और पूजा आदि में सहयोग कर जनता का सबसे बड़ा हितेषी साबित करने के मामले में सबसे आगे रहने का प्रयास करने लगे हैं। भाजपा के प्रखंड, जिला, राज्य और केंद्रीय पदाधिकारियो के दर्शन और चरण स्पर्श करने लगे हैं। दोनो हाथ जोड़े आम जनों से मिलना जुलना शुरू कर दिया है।
उनके दादुर कुद आमजन असरहीन है। जनता मौन है और मन ही मन जनता किसे अपना समर्थन देगी इसका मन बना रही है। जिससे टिकटार्थियों की बेचैनी बढ़ा रही है।
बेरमो से भाजपा प्रत्याशी कोई भी हो इंडिया गठबंधन के सिटिंग कद्दावर विधायक कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह से होगा। ऊंट किस करवट लेगा, कुछ कहा नही जा सकता है। लेकिन भाजपा संगठन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर सबको भरोसा है। यही कारण है कि बेरमो विधानसभा के टिकटार्थियों की भरमार है।
अब तक कुछ टिकटार्थियों के नाम सामने आया है, जिसमे पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल, बेरमो प्रखंड प्रमुख व् भाजपा बोकारो जिला महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष गिरिजा देवी, डॉक्टर उषा सिंह, प्रकाश कुमार सिंह, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश सिंह, लक्ष्मण नायक, जिप सदस्य ओम प्रकाश सिंह उर्फ टीनू सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य देवीदास और भाजपा के बोकारो जिलाध्यक्ष भरत यादव आदि प्रमुख है।
सूत्रों का कहना है कि यदि गिरिडीह संसदीय क्षेत्र से रविंद्र कुमार पांडेय को प्रत्याशी नहीं बनाया गया और गठबंधन ने फिर आजसू को ही सीट दे दिया, तो रविंद्र कुमार पांडेय को बेरमो विधानसभा चुनाव लड़ने पर भी भाजपा नेतृत्व विचार कर सकता है। अब देखना है कि समय आने पर भाजपा नेतृत्व क्या निर्णय लेता है।
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