मुश्ताक खान/मुंबई। महज 6 साल के भटकते हुए बच्चे को आरसीएफ पुलिस स्टेशन की निर्भया स्क्वाड ने देर रात न केवल उसके अभिभावकों से मिलाया बल्कि उन्हें सौंप दिया। इसे लेकर आरसीएफ पुलिस की निर्भया टीम की लीडर पीएसआई दीपाली पावसे सहित उनकी टीम की सराहना हो रही है।
आरसीएफ पुलिस स्टेशन (RCF Police Station) की हद में स्थित शंकर देवल के पास अविनाश रमेश सौंदाने नामक व्यक्ति को एक 6 वर्ष का बच्चा मिला जिसका नाम कबीर राजेश वर्मा है, जो अपने परिजनों के लिए रो रहा था। अनजान बच्चे से सौंदाने ने जानकारी लेनी चाही की वह कहां का है और क्यों रो रहा है। लेकिन भाषा के आभाव में उन्होंने उस बच्चे को पुलिस के हवाले कर दिया।
आरसीएफ पुलिस के स्टेशन हाउस में तैनात पीएसआई अनिल देवरे को अविनाश सौंदाने ने कबीर राजेश वर्मा नामक 6 वर्षीय लड़के को सौंप दिया। इसके बाद उस लड़के से जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन वह तमिल बोल रहा था, जो कि अधिकारियों के समझ से परे था। इसके बाद आरसीएफ थाने की बाल कल्याण अधिकारी, महिला पी.ओ. पावसे ने थाना क्षेत्र की एक तमिल भाषी महिला श्रीमती धनवेली अन्ना मलाई उम्र 50 वर्ष को बुलाया।
ताकि लड़के की बातों को समझा जा सके। उस लड़के से बातचीत करने पर उसने बताया कि मानखुर्द रेलवे ट्रैक के पास का है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर निर्भया को मोबाइल 5 के साथ मानखुर्द पुलिस स्टेशन भेजा गया। इस कड़ी में दिलचप्स बात यह है कि एक तरफ आरसीएफ की निर्भया टीम बच्चे को लेकर मानखुर्द पुलिस स्टेशन पहुंची, वहीँ दूसरी तरफ उस बच्चे के पिता हरिराम वर्मा (30) ने अपने बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट करने के लिए पहुंचे थे।
मानखुर्द रेलवे स्टेशन के पास, भारतनगर, शिव मंदिर परिसर की झोपड़पट्टी निवासी हरिराम वर्मा से पुलिस ने पूछ ताछ के बाद पुष्टि होने पर पुलिस के सहयोग से बिछड़े हुए बच्चे को उसके परिजनों से मिलाने में निर्भया टीम ने अहम भूमिका निभाई।
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