एक मजदूर ने नहर में कूदकर हाथियों से बचायी जान
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में वन विभाग पेटरवार रेंज के कर्मी एवं हाथी भगाओ दल के सदस्यों के संयुक्त प्रयास से जंगली हाथियों के झुंड को पेटरवार प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से अबतक अन्यत्र हटाया नहीं जा सका है।
बीते 17 नवंबर की रात झुंझको मड़ई टोला एवं समीप के डायनगढ़ा, जरहीबांध के खेतो में धान की फसल को खाने तथा रौंदने के बाद जंगली हाथियों का झुंड तड़के नहर के 34 नंबर पुल के निकट ईंट का लगाया गया होड़ को ध्वस्त कर दिया।
बताया जाता है कि तेनुघाट की ओर से आ रहे एक व्यक्ति रमेश हांसदा हाथियों का रौद्र रूप देख अपनी साइकिल छोड़कर ढांगी महुआ के निकट नहर में कूदकर अपनी जान बचायी, जबकि उसके साइकिल को हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। रमेश हांसदा चास थाना के हद में कानफटा गांव का रहने वाला बताया जाता है।
इस तरह वन विभाग एवं हाथी भगाओ दल द्वारा झुंड को बेरमो होते पिलपिलो जंगल की ओर ले जाने की योजना विफल रही। हाथियों का झुंड कई समूह में बंटकर पेटरवार प्रखंड के इलाके से हटने का नाम नही ले रहे।

बताया जाता है कि 18 नवंबर को हाथियों का समूह दिनभर चांदो पंचायत के भूलन खेतको के इलाके में देखे गए। एक विशाल हाथी,जो लादेन नाम से जाना जाता है वह दिनभर इधर उधर गायब रहा, पर रात को टीम से जा मिला।
वनरक्षी देवनाथ महतो के अनुसार पेटरवार प्रखंड के हद में बेहरागोडा एवं टी-मोड़ में हाथी देखे जाने की चर्चा गलत है। चांदो के ही खूंटा के निकट सभी को इकट्ठा कर बारू के जंगल की ओर मोड़ा गया है। हाथी भगाओ टीम में 15 सदस्य शामिल हैं। समाचार के लिखे जाने तक बताया गया कि टीम की प्रयास है कि हाथियों के झुंड को बंगाल की ओर ही ले जाया जाएं। इसमें सफलता मिलने पर ही टीम के सदस्य राहत की सांस ले पाएंगे।
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