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दस साल बाद भी नहीं बन सका पंचायत भवन सचिवालय

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में बेरमो प्रखंड के जारंगडीह उत्तरी पंचायत की यह विडंबना रही है कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था की यहां वर्षों से धज्जियां उड़ाई जाती रही है। यहां आजतक पंचायत भवन सचिवालय भवन तक नहीं बन पाया है।

पंचायत के रहिवासियों को कई कामों के लिए पंचायत भवन के अभाव में मुखिया, पंचायत सचिवों के आवासों की ओर दौड़ लगाना पड़ रहा है। ऐसे में कहीं से ऐसा नहीं लगता कि जारंगडीह उत्तरी पंचायत वास्तव में पंचायत भी है। जहाँ इसका अपना पंचायत भवन नहीं है।

जानकारी के अनुसार जारंगडीह उत्तरी पंचायत में वर्ष 2012 में पंचायत भवन बनाने की कवायद शुरू की गई थी, जो आज तक पूरा नहीं हो सका। इन दस वर्षों में ऐसा नहीं है कि पंचायत प्रतिनिधियों अथवा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ओर पहल नहीं किया गया। बावजूद इसके जिला प्रशासन के कान में अब तक जूं तक नहीं रेंगा है। जिसके कारण पंचायत वासियों को खासे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस संबंध में बेरमो के प्रखंड प्रमुख गिरजा देवी ने 4 अप्रैल को क्षेत्र के दौरे के क्रम में बताया कि यह एक ग्रामीण क्षेत्र है। जहां पंचायत कार्यालय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी पंचायत के लिए पंचायत कार्यालय ही उसका मुख्यालय माना जाता है। जहां जनता जनार्दन अपनी बातें रखते हैं।

उन्होंने कहा कि यहां पंचायत भवन ही नहीं है, तो जनता जनार्दन किसे अपना दुखड़ा सुनाएं। यह ज्वलंत मुद्दा है। उन्होंने कहा कि अभी बच्चों के नामांकन आदि का समय है, जिसमें आवासीय, जाति आदि प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। बावजूद इसके पंचायत भवन के अभाव में उन बच्चों के अभिभावकों को कई तरह की परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा होगा।

उन्होंने बोकारो जिला उपायुक्त (Bokaro district Deputy Commissioner) से इस ओर पहल कर जल्द से जल्द पंचायत भवन निर्माण की मांग की है। इस संबंध में जारंगडीह के पंचायत समिति सदस्य गौतम राम ने कहा कि यहां पंचायत भवन बनाने को लेकर वर्ष 2012 में जिस ठेकेदार को जिम्मा सौंपा गया था, उसके द्वारा कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका।

कई बार ठेकेदार बदलने के बाद भी आज तक यहां पंचायत सचिवालय नहीं बन पाया। राम के अनुसार जारंगडीह उत्तरी पंचायत का स्वास्थ्य उप केंद्र भी अधूरा पड़ा है। जहां अनाधिकृत कब्जा है। जिसे कब्जा मुक्त कराना आवश्यक है। उन्होंने बेरमो के प्रखंड विकास पदाधिकारी से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

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