ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार बोकारो प्रदीप कुमार श्रीवास्तव (Bokaro Pradeep Kumar Srivastava) के निर्देशानुसार 19 सितंबर को तेनुघाट जेल में एक ऑनलाइन जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा व्यवहार न्यायालय तेनुघाट से किया गया।

तेनुघाट जेल में आयोजित इस ऑनलाइन या आभासी जेल अदालत में वादों के निष्पादन हेतु एक बेंच का गठन किया गया था। जिसके सदस्य एसीजेएम विशाल गौरव, एसडीजेएम दीपक कुमार साहू एवं अधिवक्ता रीतेश कुमार जयसवाल मौजूद थे।
उक्त जेल अदालत में एक भी मामले का निष्पादन नहीं किया जा सका। साथ हीं तेनुघाट जेल में एक आभासी या ऑनलाइन विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन व्यवहार न्यायालय तेनुघाट से वीडियो कॉन्फ्रंसिंग के माध्यम से हुआ।
इस जागरूकता कार्यक्रम में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के एसीजेएम विशाल गौरव ने बंदियों से उनसे जेल में समस्याओं के बारे में जानकारियां ली। यह भी जानकारी ली कि जेल में कोविड-19 को लेकर अलग रूम की व्यवस्था है या नहीं। उन्होंने बंदियों को बताया कि अगर उन्हें किसी भी तरह की समस्या आती है, तो वह न्यायालय को उससे अवगत कराएं, ताकि उनके समस्याओं का निष्पादन हो सके।
एसडीजेएम सह अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव दीपक कुमार साहू ने बंदियो को जेल अधिनियम के बारे में जानकारियां दी और बंदियों को बताया कि जेल में उन्हें किस प्रकार की सुविधाएं दी जाती है। साहू ने बंदियों को आगे बताया कि दहेज लेना और देना दोनों कानूनन अपराध है, इसलिए हमें दहेज से दूर रहना चाहिए।
उन्होंने और भी कई कानूनी जानकारियां दी। बंदियों को कानूनी जानकारी देते समय जेल अधीक्षक अनिमेष चौधरी, जेलर अरुण कुमार शर्मा आदि मौजूद थे। उक्त जानकारी अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव सह एसडीजेएम दीपक कुमार साहू ने दी।
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