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भावनाओं के ज्वार के बीच प्राचार्य उपेंद्र की विदाई, डॉ के.के. कृष्ण को कमान

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। वैशाली जिला के हद में राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय हाजीपुर का प्रांगण बीते 31 जुलाई को एक ऐसे भावुक और अविस्मरणीय पलों का गवाह बना, जहाँ सम्मान, संवेदना और संस्कारों का अनूठा संगम देखने को मिला।

अवसर था बालिका उच्च विद्यालय के प्राचार्य उपेंद्र कुमार के विदाई समारोह का। वहीं, इसी गरिमापूर्ण आयोजन में डॉ के.के. कृष्ण ने विद्यालय के नए प्राचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया।

वर्षों तक विद्यालय को अनुशासन, शैक्षणिक उत्कृष्टता और मानवीय मूल्यों की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले प्राचार्य उपेंद्र कुमार की विदाई ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्राओं को भावुक कर दिया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ किया गया।

अपने विदाई संबोधन में निवर्तमान प्राचार्य उपेंद्र कुमार ने विद्यालय को अपना परिवार बताते हुए कहा कि यहां बिताया गया हर पल मेरी अमूल्य धरोहर है। मुझे विश्वास है कि यह संस्था भविष्य में नित नई ऊँचाइयों को छुएगी। वक्ताओं ने उनके कार्यकाल को विद्यालय के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय करार देते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों में संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का बीजारोपण किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा सभागार

जानकारी के अनुसार समारोह के दौरान विद्यालय के संगीत शिक्षको यथा अशोक कुमार और मुकेश कुमार के निर्देशन में प्रस्तुत गीतात्मक संस्मरण ने प्राचार्य की जीवन-यात्रा और संघर्षों को मार्मिक ढंग से दर्शाया। स्वयं प्राचार्य उपेंद्र के भावपूर्ण गीत ने पूरे सभागार को भाव-विह्वल कर दिया। इसके अतिरिक्त गणेश वंदना और छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य ने भारतीय संस्कृति की सुंदर छटा बिखेरी। शिक्षकों ने अपने संस्मरण साझा करते हुए उन्हें एक ऐसा नेतृत्वकर्ता बताया, जिन्होंने अनुशासन और संवेदनशीलता का बेहतरीन संतुलन बनाए रखा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का प्रभार डॉ के.के. कृष्ण को सौंपा गया। उन्होंने अपने संकल्प वक्तव्य में कहा कि इस विद्यालय की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाना और छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कार्यक्रम का कुशल प्रबंधन डॉ राजेश कुमार सिंह ने जबकि मंच संचालन सरोज कुमार सिंह ने संभाला। समारोह की व्यवस्था में गोपाल कृष्ण, दीपक कुमार, नूतन कुमारी, सविता कुमारी, विभा कुमारी, अर्चना कुमारी, शाहिद अख्तर और मुकेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अंत में, नम आँखों और ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ विद्यालय परिवार ने अपने प्रिय प्राचार्य को सम्मानपूर्वक विदाई दी। यह केवल एक अधिकारी का जाना नहीं था, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक की विदाई थी, जिसने अपने व्यक्तित्व से विद्यालय के हर सदस्य के हृदय में स्थायी स्थान बनाया है।

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