अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। मोतिहारी जिला के हद में पराम्बा शक्तिपीठ द्वारा समाज सेवा और मानव कल्याण की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में एक अगस्त को पराम्बा शक्तिपीठाधीश्वर चंचल बाबा के नेतृत्व में खरवा पुल के समीप स्थित दलित बस्तियों में महाभंडारे का आयोजन किया गया।
बताया जाता है कि कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महाभंडारे के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों के बीच अन्न और आवश्यक दैनिक सामग्री का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर चंचल बाबा ने कहा कि सेवा, समरसता और मानवता ही सनातन धर्म का मूल संदेश है। समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंदो तक सेवा पहुंचाना ही शक्तिपीठ का मुख्य उद्देश्य है।
उक्त सेवा कार्य में शैलेंद्र कुमार तिवारी (टुना तिवारी), झारम के धनबाद से आए शिष्यगण और उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पधारे अनुपम समेत विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने भोजन वितरण और व्यवस्था संचालन में बढ़-चढ़कर योगदान दिया।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में पराम्बा शक्तिपीठ में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया था, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। उक्त अवसर पर शक्ति संदेश पत्रिका का लोकार्पण भी किया गया था। शक्तिपीठ लगातार आध्यात्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ जन कल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का प्रभावी संदेश दे रहा है। स्थानीय रहिवासियों ने शक्तिपीठ की इस नि:स्वार्थ सेवा भावना की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया है।
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