स्टाफ रिक्रिएशन क्लब कथारा में झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन का सेमिनार
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल के स्टाफ रिक्रिएशन क्लब कथारा में 21 जुलाई को झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (झाकोमयू) द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। अध्यक्षता यूनियन के कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष नरेश मंडल तथा संचालन क्षेत्रीय सचिव सह झामुमो केंद्रीय सदस्य इकबाल अहमद ने की।
सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में यूनियन के केंद्रीय सचिव जयनारायण महतो के अलावा जोनल उपाध्यक्ष इकबाल हुसैन, जोनल संगठन सचिव शंकर पासवान सहित कई पदाधिकारियों ने भाग लिया। आयोजित एकदिवसीय सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जयनारायण महतो ने कहा कि कथारा क्षेत्र में श्रमिकों के लिए चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन मजदूरों के अधिकारों की लगातार अनदेखी कर रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षित कार्य वातावरण और उनके वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे चार लेबर कोड की आलोचना करते हुए कहा कि यह श्रमिक हितों के विपरीत है।
उनका आरोप था कि इन कानूनों के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करने तथा सार्वजनिक क्षेत्र के कोयला उद्योग को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मजदूरों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। महतो ने कोयला उद्योग के कर्मचारियों के लंबित 12वें वेतन समझौते को शीघ्र लागू करने की मांग करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच श्रमिकों को राहत देने के लिए वेतन समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।
मंच संचालन कर रहे झामुमो केंद्रीय सदस्य सह यूनियन के क्षेत्रीय सचिव इकबाल अहमद ने कहा कि कोयला उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसके श्रमिकों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 12वें वेतन समझौते को शीघ्र लागू कर श्रमिकों को राहत दी जाए तथा चिकित्सा, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने श्रमिकों से संगठित रहकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। साथ हीं सदस्य संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि केंद्र की चार श्रम कानून श्रमिक हितों पर कुठाराघात और मजदूर यूनियन के लिए काला धब्बा है। इससे देश के करोड़ो संगठित तथा असंगठित मजदूरों का भला होनेवाला नहीं है। इससे निजी उद्योगपतियों को बेहतर संरक्षण मिलेगा।
झामुमो नेता सह क्षेत्रीय सहायक सचिव मुमताज आलम ने कहा कि सीसीएल प्रबंधन झाकोमयू को अहमियत दे अन्यथा प्रबंधन की ईंट से ईंट बजा देंगे। उन्होंने श्रमिकों को एकजुटता बनाये रखने का आह्वान किया। सेमिनार में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं, चिकित्सा सुविधाओं में सुधार, सुरक्षा व्यवस्था, श्रमिक अधिकारों और संगठन की मजबूती पर विचार व्यक्त किया।
लगभग सभी वक्ताओं ने मजदूरों से संगठित रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। सेमिनार को उपरोक्त के अलावा इकबाल हुसैन, बनवीर मिश्रा, शंकर पासवान, काशीलाल तुरी, नरेश मंडल, फीनीराम सोरेन, मो. अफाक आदि वक्ताओ ने संबोधित किया।
सेमिनार को सफल बनाने में हेमू यादव, फीनिराम सोरेन, इस्लाम अंसारी, अमित पासवान, मुमताज आलम, सुरेश कुमार, संजय कुमार, मो. आफाक, सुनील कुमार, जगलाल महतो, मो. अख्तर सहित यूनियन के कई पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। सेमिनार में कथारा क्षेत्र के सैकड़ों झांकोमयू कार्यकर्ता एवं संगठित व् असंगठित क्षेत्र के मजदूर उपस्थित थे।
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