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श्रमिकों के वेलफेयर और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं-आरसीएमयू

मौलिक अधिकार से वंचित हो रहे हैं कोयला क्षेत्र के श्रमिक-अजय

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। प्राकृतिक संरचना के विपरीत कोयला उद्योग में कार्यरत देश के लाखो मजदूर जान जोखिम में डालकर कार्य करते हैं। लेकिन श्रमिक जब मौलिक अधिकार से वंचित रह जाते हैं तो वे स्वयं को ठगा और काफी असहाय महसूस करते हैं।

देश के महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक आज भी शुद्ध पेयजल पानी के लिए तरसते हैं। पूरे सीसीएल में कथारा क्षेत्र सबसे बड़े श्रमिक सदस्य वाला क्षेत्र है। चिकित्सीय सुविधा दिन प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। चिकित्सा के रूप में पदस्थापित लगभग आधा दर्जन से अधिक डॉक्टर अवकाश प्राप्त हो गये। साथ ही कुछ डॉक्टर रिजाइन कर अन्यत्र चले गए। मात्र चार डॉक्टर के भरोसे एक हॉस्पिटल और तीन डिस्पेंसरी चलाया जा रहा है। कभी-कभी तो आकस्मिक सुविधा पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है।

उपरोक्त सारे मुद्दों को लेकर इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही सीसीएल के सीएमडी नीलेन्दु कुमार सिंह और सीसीएल के निदेशक मानव एवं संसाधन हर्ष नाथ मिश्रा से मिलकर समस्याओं का निदान करने का मांग करेगा। इस संदर्भ में 6 मई को आरसीएमयू के कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष सह बेरमो विधायक प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिक हितों की रक्षा होगी। कहा कि श्रमिकों के अधिकार का हनन नहीं होने दिया जाएगा। उचित फोरम पर बात को रखकर निदान का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उक्त मामले को यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष व बेरमो के विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनुप सिंह के समक्ष रखकर समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का आग्रह होगा।

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