रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में चंदनक्यारी प्रखंड के डामोडीह पंचायत अंतर्गत गोपीनाथपुर रहिवासी 83 वर्षीय धरणीधर मांझी को जिंदा रहते ही सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस बड़ी लापरवाही के कारण उन्हें वृद्धा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजना के लाभ से वंचित होना पर रहा है।
बताया जा रहा है कि पंचायत स्तर पर मुखिया, पंचायत सचिव तथा आंगनबाड़ी सेविका की कथित लापरवाही के चलते यह त्रुटि हुई है, जिसका खामियाजा एक बुजुर्ग को भुगतना पर रहा है। धरणीधर मांझी वर्तमान में जीवित हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के कारण उनकी पेंशन बंद कर दी गई है।
इस संबंध में मांझी ने चंदनकियारी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को आवेदन पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने आवेदन में आग्रह किया है कि उन्हें सरकारी कागजों में पुनः जीवित दर्ज किया जाए, ताकि वे वृद्धा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। गोपीनाथपुर के स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था में लापरवाही का उदाहरण है, जिसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जल्द सुधार करता है और पीड़ित बुजुर्ग को उनका हक दिलाता है।
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