अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक संगम स्थली हरिहरक्षेत्र सोनपुर स्थित ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर में 27 अप्रैल को आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।
बताया जाता है कि 27 अप्रैल की सुबह दस बजे सुपौल जिले के छातापुर से आए विधायक नीरज कुमार सिंह ‘बब्लू’ ने सपरिवार मंदिर पहुंचकर महादेव और श्रीहरि के चरणों में मत्था टेका। विधायक ने अपनी श्रद्धा को मूर्त रूप देते हुए बाबा हरिहरनाथ को चांदी का भव्य मुकुट और एक चांदी का कलश भेंट किया। मंदिर के विद्वान पुजारियों मुख्य अर्चक आचार्य सुशील चंद्र शास्त्री, पवनजी शास्त्री, सदानंद बाबा आदि ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सपरिवार पूजन संपन्न कराया।
आध्यात्मिक महत्व: क्या है गलंतिका?
वैदिक परंपरा में जिसे हम साधारण भाषा में कलश कहते हैं, उसे शास्त्रोक्त भाषा में गलंतिका कहा जाता है। यह एक सूक्ष्म छिद्रयुक्त पात्र होता है। वैशाख और ज्येष्ठ की भीषण तपन में महादेव को शीतलता प्रदान करने हेतु इसे शिवलिंग के ऊपर स्थापित किया जाता है। इससे गिरती बूंद-बूंद जलधारा ईश्वर के प्रति भक्त के निरंतर प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
ज्ञात हो कि बाबा हरिहरनाथ का यह धाम देश का एकमात्र ऐसा तीर्थ है जहां भगवान शिव और भगवान विष्णु एक ही गर्भगृह में विराजमान हैं। हाल के दिनों में मंदिर की भव्यता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
गर्भगृह में सौ साल पुरानी सागवान की लकड़ी पर चांदी की नक्काशी से निर्मित दो नए द्वार श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। इन द्वारों पर गज-ग्राह युद्ध (जिसके कारण इस क्षेत्र की प्रसिद्धि है), विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश और देवाधिदेव महादेव की मनमोहक आकृतियां उकेरी गई हैं।
हरिहरनाथ मंदिर न्यास समिति ने जताया आभार
विधायक नीरज कुमार सिंह ‘बब्लू’ द्वारा किए गए इस दान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंदिर न्यास समिति के सचिव विजय कुमार सिंह ‘लल्ला’ ने कहा कि यह समर्पण केवल धातु का दान नहीं, बल्कि बाबा के प्रति अटूट विश्वास की अभिव्यक्ति है। ऐसे कार्यों से मंदिर की दिव्यता और गरिमा में और निखार आता है। उन्होंने कहा कि हरिहरक्षेत्र की यह पावन भूमि आज पुनः एक भक्त और भगवान के मिलन की साक्षी बनी, जहाँ आस्था की चांदी ने महादेव के दरबार को और भी दीप्तिमान कर दिया।
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