रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो हवाई अड्डा से व्यावसायिक उड़ान शुरू नहीं होना जिले के विकास के साथ धोखा है। यह गंदी राजनीति का परिणाम है।
उक्त बातें नागरिक अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष सह प्रदेश संयोजक (स्वच्छ भारत अभियान, झारखंड) शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’ ने 26 अप्रैल को मंच के कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत बोकारो स्टील प्लांट स्थित हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए 25 सितंबर 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा शिलान्यास किया गया था। कहा कि वर्ष 2022 तक यहां से उड़ान शुरू हो जानी थी और निर्माण कार्य का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा भी कर लिया गया था, लेकिन शेष कार्य, जो राज्य सरकार के जिम्मे था, उसे नई सरकार द्वारा लंबित कर दिया गया।
ओझा ने आरोप लगाया कि छह साल बीत जाने के बावजूद सातनपुर पहाड़ी पर लाइट लगाने, एम्बुलेंस खरीदने और अग्निशमन वाहन की व्यवस्था जैसे आवश्यक कार्य पूरे नहीं किए गए हैं। साथ ही, हवाई अड्डा क्षेत्र के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी केवल दिखावे तक सीमित रही।
बैठक में समाजसेवी रघुवर प्रसाद ने कहा कि बार-बार तारीख घोषित कर आमजनों को भ्रमित किया जा रहा है, जिसे अब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं भाजपा मत्स्य प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अधिवक्ता ललन कुमार निषाद ने नागरिक अधिकार मंच से सड़क पर उतरकर जन आंदोलन शुरू करने की अपील की। बैठक में वीरेंद्र चौबे ने नुक्कड़ सभा और हस्ताक्षर अभियान चलाकर जनजागरण करने तथा संबंधित पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पुनः संपर्क साधने का सुझाव दिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बोकारो हवाई अड्डा से अविलंब व्यावसायिक उड़ान शुरू कराने के लिए नागरिक अधिकार मंच आंदोलन तेज करेगा। साथ ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री, झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, बोकारो जिला उपायुक्त एवं सेल के डायरेक्टर इंचार्ज से जल्द मुलाकात की जाएगी। बैठक में शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’, रघुवर प्रसाद, ललन कुमार निषाद, वीरेंद्र चौबे, महेंद्र राय, ज्ञानचंद जायसवाल, आर के शर्मा, अभय कुमार गोलू, योगेंद्र चौधरी, शैलेंद्र झा सहित कई समाजसेवी, व्यवसायी और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।
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