सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में नोवामुंडी प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रूता गुटू में 25 अप्रैल को विशाल मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर रक्त सेवा सदस्य ग्रुप द्वारा झारखंड सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया।
बताया जाता है कि इस अवसर पर बड़ाजामदा, नोवामुंडी, किरीबुरू, चाईबासा एवं बड़बिल (ओड़िशा) से बड़ी संख्या में रक्तदाता उपस्थित हुए और स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिविर में कुल 27 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया।
शिविर के मुख्य अतिथि सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी पश्चिमी सिंहभूम डॉ जुझार माझी ने सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने रक्त सेवा सदस्य ग्रुप की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था झारखंड में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में उत्कृष्ट कार्य कर रही है। उन्होंने संस्थापक संतोष पंडा के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
इस अवसर पर रक्त सेवा सदस्य ग्रुप के संस्थापक संतोष पंडा ने बताया कि संस्था वर्तमान में झारखंड एवं ओडिशा में 16 शाखाओं और 9535 सदस्यों के साथ सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रत्येक प्रखंड में शाखा स्थापित कर अधिक से अधिक युवाओं को रक्तदान से जोड़ना उनका लक्ष्य है। कहा कि संस्था का उद्देश्य है कि किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में अस्पताल से वापस न लौटना पड़े तथा रक्तदाताओं को समाज में उचित सम्मान मिले।
शिविर में कई समर्पित रक्तदाताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया जिसमें 76 बार रक्तदान करने पर बड़बिल रहिवासी रक्तदाता जावेद आलम को विशेष सम्मान दिया गया। नोवामुंडी रहिवासी अनवर खान एवं बबलू झा लाइफटाइम डोनर अवार्ड, 59 वर्षीय बड़बिल के रक्तदाता कश्मीरी सिंह को लीजेंड डोनर सम्मान, नोवामुंडी रहिवासी फिरोज हुसैन को लीजेंड डोनर सम्मान, नोवामुंडी रहिवासी विश्वकर्मा दास को डायमंड डोनर सम्मान तथा बड़बिल रहिवासी अरबिंद साहू को डायमंड डोनर सम्मान दिया गया।
शिविर में प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में फिरोज प्रसाद अपनी 19 वर्षीय पुत्री अर्चिका प्रसाद के साथ रक्तदान करने पहुंचे। अर्चिका ने पहले कम हीमोग्लोबिन के कारण रक्तदान नहीं कर पाई थीं, लेकिन उन्होंने संकल्प लेकर स्वास्थ्य सुधार किया और इस बार सफलतापूर्वक अपना रक्तदान किया। इसके अलावा सोनी कौर एवं जेमा चोटोंबा रक्तदान नहीं कर पाने के बावजूद कठिन परिस्थितियों में शिविर तक पहुंचीं, जिनकी संस्था द्वारा विशेष सराहना की गई।
यह रक्तदान शिविर न केवल मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बना, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी रक्तदाताओं को झारखंड सरकार की ओर से प्रमाण पत्र तथा रक्त सेवा सदस्य ग्रुप की ओर से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
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