रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के पोंडा पंचायत भवन में 24 दिसंबर को सहयोगिनी संस्था के तत्वावधान में स्टेकहोल्डर बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पंचायत के जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी सेविकाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं शामिल हुईं।
बैठक का मुख्य उद्देश्य गांव की बुनियादी समस्याओं की पहचान करना और उनके समाधान के लिए साझा रणनीति बनाना था। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कई ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इसमें मुख्य रूप से बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनने में आ रही कठिनाइयां और गांव में पेयजल की समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर पोंडा पंचायत के मुखिया हारु रजवार ने कहा कि किशोरियों का नेतृत्व विकास से ही बाल विवाह का अंत संभव है। उन्होंने बच्चों तथा किशोरियों के लिए विभिन्न प्रकार की सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान कमलापुर की वार्ड सदस्य खीरी देवी ने जोर देते हुए कहा कि जब तक हम समस्याओं पर खुलकर बात नहीं करेंगे, तब तक उनका समाधान संभव नहीं है। ग्रामीण बेबी देवी ने कहा कि बैठक में समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है और जल्द ही जन्म प्रमाण पत्र व पानी की किल्लत दूर करने का आश्वासन दिया गया है।

बैठक में सामाजिक कुरीतियों, विशेषकर बाल विवाह को जड़ से मिटाने पर भी चर्चा की गयी। उपस्थित महिलाओं ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे बाल विवाह के खिलाफ अभियान में बढ़-चढ़कर अपना सहयोग देंगी, ताकि बेटियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। वीरगोंडा की सेविका सावित्री देवी और अनीता देवी ने कहा कि जानकारी के अभाव में कई बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र लंबित थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे प्राथमिकता के आधार पर ऐसे 5 बच्चों का प्रमाण पत्र जल्द बनवाएंगी, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
कार्यक्रम का संचालन सहयोगिनी की समन्वयक कुमारी किरण ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से पारू देवी, किरण देवी, पूजा देवी, यमुना देवी, संध्या देवी समेत कई ग्रामीण और सहयोगिनी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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