एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। बिहार की राजधानी पटना की सांस्कृतिक संस्था लोक पंच द्वारा 25 नवंबर को विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला के मंच पर साइबर क्राइम पर आधारित नाटक मैं मूर्ख नहीं हूं का मंचन किया गया। जिसका लेखन एवं निर्देशन प्रसिद्ध रंगकर्मी व् टीवी कलाकार मनीष महिवाल ने किया।
जानकारी देते हुए मनीष महिवाल ने बताया कि प्रस्तुत नाटक का कथासार पति-पत्नी की नोक- झोंक से शुरू होता है। इस दौरान एक फोन आता है और ओटीपी माँगा जाता है, पत्नी उसे ओटीपी देने लगती है तो पति मना करता है, पर पत्नी ओटीपी दे देती है। बाद में पत्नी बताती है कि मुझे मालूम है कि वह फोन करनेवाला मेरे साथ फ्रॉड कर रहा था, पर मैंने उसे गलत ओटीपी दे दिया। मुझे मालूम है ओटीपी शेयर करने से नुकसान होता है। हम गांव से आए हैं इसका मतलब यह नहीं कि हम मूर्ख है।
महीवाल ने बताया कि नाटक के अगले दृश्य में एक व्यक्ति अपने मित्र से बकाया पैसे मांगता है। इस बातचीत के दौरान पता चलता है कि मित्र का फेसबुक अकाउंट किसी ने हैक कर रखा है और वह उसके मित्रों से पैसा मांग रहा है। ऐसी फेक और फ्रॉड साइबर क्राइम करने वाले से सावधान रहने की बात बताई जाती है। अगले दृश्य में अनजान और फ्रॉड लिंक पर क्लिक करने का क्या परिणाम होता है, यह दिखाया गया है।

नाटक के दौरान पाश्वर्य से गायक मोहम्मद रफी के गाए गीत जनम जनम के तोर कमईयया चोरवा ना ले जाए, जगत रहा भैया तू सोए मत जाइए को प्रस्तुत गया है, जिसके माध्यम से जालसाज़ और साइबर अपराधियों से अपने धन को बचाने की बात कही जाती है। इसके अलावा और कई गीतों का भी नाटक में इस्तेमाल किया गया है। नाटक के अंत में एक पात्र कहता है कि अब मुझे कोई भी साइबर क्राइम करने वाला ठग नहीं सकता है क्योंकि मैं मुर्ख नहीं हूं।
नाटक की प्रस्तुति के दौरान आरबीआई के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नाटक को अंत तक देखा औऱ हर्षित भाव से सराहना की। प्रस्तुत नाटक में सरबिन्द कुमार, रजनीश पांडेय, रोहित कुमार, अजित कुमार, प्रिया कुमारी, प्रिंस कुमार, चन्दन कुमार, नीरज शुक्ला एवं मनीष महिवाल ने अभिनय किया। जबकि, मंच से परे नाल पर अजित कुमार व् मनोज शुक्ला, खंजरी पर अरबिन्द कुमार, प्रस्तुति नियंत्रक राम प्रवेश, गायक चंदन कुमार, लेखक-निर्देशक मनीष महिवाल शामिल थे।
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