एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त हो गई है। सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त (डीसी) को निर्देश दिया है कि अपने जिला क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पताल का ऑडिट करें।
ज्ञात हो कि सीएम द्वारा यह फैसला झारखंड के पलामू जिला के हद में पांकी सीएचसी में प्रसव के नाम पर पैसे वसूले जाने के आरोप सामने आने के बाद लिया गया है।
सीएम ने कहा है कि डीसी खुद इस काम की निगरानी करें और यह देखें कि अस्पतालों में मरीजों को सही इलाज मिल रहा है या नहीं। दवाइयां उपलब्ध हैं या नहीं। डॉक्टर और स्टाफ समय पर आते हैं या नहीं। उपरोक्त सभी बातों की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं मरीजों से अवैध तरीके से पैसे तो नहीं लिए जा रहे है। सीएम ने साफ कर दिया है कि अगर किसी भी अस्पताल में लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो जिम्मेदार पदाधिकारी व् कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित डॉक्टर, कर्मी या अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने डीसी को कहा है कि जांच पूरी कर रिपोर्ट जल्द सरकार को दें।
सीएम हेमंत सोरेन का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद को सरकारी अस्पतालों से ही सबसे ज्यादा उम्मीद होती है। ऐसे में वहां अगर गड़बड़ी होती है तो यह गंभीर बात है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में एक साथ जांच कराने का फैसला लिया गया है, ताकि कहीं भी मरीजों के साथ अन्याय न हो।
सीएम के इस आदेश के बाद झारखंड के कई जिलों में प्रशासन सक्रिय हो गया है। अधिकारियों ने अस्पतालों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में इसकी रिपोर्ट सामने आएगी, जिससे साफ हो पाएगा कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कैसी है। इस फैसले के बाद आमजनों को उम्मीद जगी है कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार होगा और उन्हें बिना किसी परेशानी के इलाज मिल सकेगा।
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