सोनपुर, गरखा और रिविलगंज में जारी रहेगा सामुदायिक किचन
बाढ़ प्रभावितों को जल्द मिलेगी सहायता राशि
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण के जिलाधिकारी (डीएम) वैभव श्रीवास्तव ने 8 सितंबर को जिले में आपदा राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। जिला मुख्यालय छपरा स्थित समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी अनुमंडल पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
जानकारी के अनुसार उक्त बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत वितरण, सामुदायिक किचन, स्वास्थ्य शिविर, नाव परिचालन, स्वच्छता और क्षतिग्रस्त सड़कों की प्रखंडवार समीक्षा की गई। आज ही भेजें प्रभावितों की सूची की समीक्षा की शुरुआत सोनपुर से की गई। डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा प्रभावित परिवारों की सूची डिजिटल हस्ताक्षर के साथ आज ही जिला आपदा प्रबंधन शाखा को उपलब्ध कराएं। सूची की मैपिंग के बाद इसे विभाग को भेजा जाएगा, ताकि पात्र लाभुकों को सहायता राशि का भुगतान शीघ्र किया जा सके।

डीएम श्रीवास्तव ने कहा कि जिन परिवारों के घरों में अभी भी पानी है या खाना बनाने की स्थिति नहीं है, उन्हें सामुदायिक किचन से भोजन मिलता रहेगा। वर्तमान में जिला के हद में सोनपुर, गरखा और रिविलगंज में किचन की आवश्यकता बनी हुई है। वहीं जहां पानी उतर चुका है और पीड़ित घर में खाना बना सकते हैं, वहां किचन बंद किया जाए। उन्होंने सूखा राशन, पॉलिथीन शीट और सेनेटरी सामग्री सहित सभी राहत सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाने का भी निर्देश दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में डीएम ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में हेल्थ कैंप और मोबाइल मेडिकल टीम लगातार सक्रिय रहें। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद त्वचा संक्रमण और जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए रिविलगंज, दिघवारा, मकेर, मांझी सहित सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों की नियमित मौजूदगी जरूरी है।
समीक्षा बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर और अन्य सेनिटेशन सामग्री के छिड़काव और विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश उप विकास आयुक्त और बीडीओ को दिया गया। तटबंध टूटने से क्षतिग्रस्त सड़कों के लिए टीम गठित कर सर्वे कर रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजने को कहा गया, ताकि मरम्मत कार्य शुरू हो सके। डीएम ने कहा कि बाढ़ के बाद जनजीवन को शीघ्र सामान्य करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री के मिशन कायाकल्प की तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि दिवाली तक पंचायतों में सार्वजनिक भवनों और परिसंपत्तियों को नया लुक दिया जाना है। इसके लिए जिले के प्रत्येक पंचायत में अधिकतम 15 प्राथमिकता वाली योजनाओं का चयन कर दिवाली तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विद्यालयों में किचन शेड की मरम्मत, हेल्थ सब-सेंटर, अतिरिक्त कक्ष जैसे जनोपयोगी कार्यों को प्राथमिकता देने और जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर इस सप्ताह के अंत तक सूची फाइनल करने का निर्देश दिया गया।
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