Advertisement

तेनुघाट जलापूर्ति योजनाओं की मंत्री योगेंद्र ने की समीक्षा

पंद्रह दिन में काम शुरू नहीं करने वाले संवेदकों पर कार्रवाई का निर्देश

ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। झारखंड के मद्य निषेध तथा उत्पाद व् पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने 11 सितंबर को झारखंड की राजधानी रांची के नेपाल हाउस स्थित विभागीय कॉन्फ्रेंस हॉल में धनबाद अंचल अंतर्गत तेनुघाट बहु-ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा में विशेष रूप से गोमिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गयी।

समीक्षा क्रम में मंत्री ने योजनाओं की भौतिक प्रगति, भुगतान स्थिति, क्षेत्र भ्रमण से सत्यापन और क्रियाशील घरेलू नल संयोजन की स्थिति को प्रमुख आधार बनाया। बताया गया कि गोमिया विधानसभा में प्रखंडवार गोमिया में घरेलू नल कनेक्शन की स्थिति-35191, कुल घरों की संख्या-52689, नल जल युक्त घर 66.79 प्रतिशत, कसमार में कुल घरों की संख्या-18574, नल जल युक्त घर-7499 प्रतिशत 40.37, पेटरवार में कुल घरों की संख्या-32687, नल जल युक्त घर-21799, प्रतिशत-68.79, नावाडीह में कुल घरों की संख्या-26625, नल जल युक्त घर-14437, प्रतिशत 54.22, चन्द्रपुरा में कुल घरों की संख्या- 11162, नल जल युक्त घर- 9834, प्रतिशत 88.10 शामिल है।

मंत्री द्वारा बीते 5 फरवरी की पूर्व समीक्षा और 11 सितंबर की वर्तमान समीक्षा के बीच प्रगति की तुलना भी की गई जिसमें कसमार ग्रामीण क्षेत्र में 70 से बढ़कर 81 प्रतिशत जबकि, भुगतान 93 प्रतिशत, पेटरवार में 81 से बढ़कर 90 प्रतिशत जबकि, भुगतान 83 प्रतिशत, केसखेरो में 89 से बढ़कर 90 प्रतिशत जबकि, भुगतान 96 प्रतिशत, जरकुंडा में 95 पर स्थिर जबकि, भुगतान 87 प्रतिशत, टीकहारा में 70 प्रतिशत पर स्थिर जबकि भुगतान 61 प्रतिशत बताया गया।

समीक्षा के दौरान मंत्री योगेंद्र ने योजनाओं में अपेक्षित तेजी नहीं आने और लंबित कार्यों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को निर्देश दिया कि राज्य स्तर से एक उच्चस्तरीय टीम गठित कर सभी योजनाओं का स्थलीय अवलोकन एवं विस्तृत समीक्षा कराई जाए।

जिन योजनाओं में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उनमें 15 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित अवधि में कार्य प्रारंभ नहीं करने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले संबंधित पदाधिकारियों की भी जवाबदेही तय कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मंत्री ने कहा कि अधिकारी क्षेत्र भ्रमण को प्राथमिकता दें। ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करें। कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित पेयजल देना है, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में जल जीवन मिशन के अभियान निदेशक, अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता, पीएमयू, मुख्य अभियंता सीडीओ, धनबाद के अधीक्षण अभियंता सहित चास एवं तेनुघाट प्रमंडल के सभी अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *